पशुओं के लिए शहर के बाहर जमीन पर विचार
शहरको मवेशी मुक्त करने के लिए पशु पालकों को शहर के बाहर सरकारी जमीन उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम परिषद में प्रस्ताव लाया जाएगा। सोमवार को महापौर परिषद में निगमायुक्त अविनाश लवानिया ने इस मुद्दे पर चर्चा की। महापौर रामेश्वर अखंड और सदस्यों ने इस पर सहमति जताई है। आयुक्त योजना बना कर प्रस्ताव रखेंगे।
महापौर परिषद की सोमवार सुबह स्थगित बैठक में बजट पर चर्चा होना थी लेकिन आयुक्त अन्य अधिकारियों की व्यस्तता तथा महापौर के भोपाल जाने की स्थिति में बैठक में कुछ प्रस्तावों पर चर्चा के बाद बैठक 18 फरवरी तक स्थगित कर दी गई। बैठक में वाहन पार्किंग, गन्ने के रस की दुकानें देने की अनुमति के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। सिंहस्थ क्षेत्र में सुविधाघरों के निर्माण और दुकानों के आवंटन संबंधी प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
कर्मचारीसंघों की गेट मीटिंग
नगरनिगम मुख्यालय में सोमवार को कर्मचारी संघों की गेट मीटिंग हुई। लंबित मांगों पर अमल की मांग का अपर आयुक्त रवींद्र जैन को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें कहा कि मांगे मंजूर नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। जैन ने 19 फरवरी को इस संबंध में बैठक करने का आश्वासन दिया। बैठक में रामचंद्र कोरट, रमेश रघुवंशी, डॉ. पवन व्यास, नंदकिशोर अमलावत आदि मौजूद थे।
पालतू पशु सड़कों पर दिखे तो मालिकों पर कार्रवाई
पालतूपशुओं के स्वच्छंत विचरण पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कवींद्र कियावत ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। प्रतिबंध का उल्लंघन होने पर संबंधित पशु मालिक के खिलाफ धारा 188 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। जिले के सभी पशु मालिकों से अपने पालतू पशु गाय, बछड़े, बैल, भैंस, कुत्ते, सुअर, बकरा-बकरी, आदि को सार्वजनिक मार्गों तथा स्थानों पर घूमने तथा चरने के लिए स्वच्छंद विचरण नहीं करने देने काे कहा है। इस संबंध में एसपी एमएस वर्मा ने कलेक्टर को प्रतिवेदन दिया था।