- Hindi News
- 50 लाख रुपए के लिए जेल से रिश्तेदार पर ही कराया हमला
50 लाख रुपए के लिए जेल से रिश्तेदार पर ही कराया हमला
{ घायल को फंसाने के लिए चाकू मारने वाले पर चलवाई गोली
{हमलावर गिरफ्त से दूर
क्राइमरिपोर्टर | उज्जैन
क्षीरसागरक्षेत्र में होटल व्यवसायी पर हमला जेल में बंद उसी के रिश्तेदार ने करवाया था। बाद में घायल को फंसाने के लिए चाकू मारने वाले पर भी गोली चलवाई थी। बदमाश ने रिश्तेदार से 50 लाख रुपए वसूलने के लिए साजिश रची थी। अब कोतवाली पुलिस तीन दिन पहले हुई घटना में गोली चलाने वालों को पकड़ने के बाद षडय़ंत्रकर्ता को भी आरोपी बनाएगी।
सुभाषनगर निवासी गुदरी स्थित सतयुग होटल संचालक नरेश लालवानी बलराम भदौरिया हत्याकांड में सजा काट रहा शम्मी सिंधी ममेरे भाई है। लालवानी परिवार हत्या के एक केस के कारण शम्मी को सालों से 50 हजार रुपए महीना देता है। लेकिन शम्मी अब एकमुश्त 50 लाख मांग रहा है। इसलिए लालवानी उससे दूर रहने लगे थे। नतीजतन शम्मी ने लालवानी पर दबाव बनाने की योजना बनाई। उसने जेल से नरेश की रैकी करवाई फिर उसके कहने पर राजेंद्र नगर के शुभम डोडिया ने शुक्रवार को क्षीरसागर पर कटबाजी कर नरेश को चाकू मार दिया। तभी बाइक सवार दो बदमाशों ने शुभम के पैर में गोली मारी और पहचान नहीं होने पर भी नरेश को भागो भैय्या कहकर भाग गए। इस बात पर पुलिस को शक हुआ और एएसपी डॉ. असित यादव ने अस्पताल में शुभम से पूछताछ की तो साजिश का खुलासा हो गया। एएसपी डॉ. यादव ने बताया गोली चलाने वाले शहर के ही बदमाश है। उनको पकड़ने के बाद शम्मी को भी साजिश रचने का आरोपी बनाएंगे।
शम्मीका डबल गेम
पुलिसका मानना है कि नरेश पर हमले के बाद शम्मी लालवानी परिवार से सहानुभूति जताते हुए हमलावर को निपटाने के बहाने फिर उनके नजदीक जाता। साथ ही गोलीकांड में फंसने पर नरेश जेल में जाता तो वहां अपना रुतबा बताते हुए उसकी मदद की नौटंकी करते हुए अपनी शर्त मानने के लिए मजबूर कर देता।
कौनहै शम्मी
पुलिसके अनुसार शम्मी ने डेढ़ दशक पहले रिश्तेदार के हत्यारे को आंख में गोली मार दी थी। घटना के बाद उसने वसूली विवादित संपत्ति पर कब्जे के लिए गिरोह बना लिया। इसी के चलते मंगलनाथ के पास बलराम का कत्ल किया था। इस केस में पेशी के दौरान उस पर फरार होने के प्रयास का भी केस बना था।