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- मुख्यमंत्री सचिवालय को झूठी जानकारी भेज दी गई कि समस्या का निदान हो गया है।
मुख्यमंत्री सचिवालय को झूठी जानकारी भेज दी गई कि समस्या का निदान हो गया है।
उज्जैन | अफसर ही झूठ बोलते हैं, नहीं करते काम
उज्जैनमें योगेश्वर टेकरी का धार्मिक एवं पुरातात्विक महत्व है। यह शहर का एेसा स्थान है जहां से पूरे शहर को निहारा जा सकता है। इसका मालिकाना हक नगर निगम का है। इस एतिहासिक स्थल की खुदाई कर कुछ लोगों ने दो बीघा जमीन पर स्थाई निर्माण कर लिया है। भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रामसिंह सांखला ने इस मुद्दे को उठाया। उनका कहना है, सीएम हेल्पलाइन में 17 जून 2014 को क्रमांक 69076 से शिकायत की गई। इसके बाद शिकायत क्रमांक 107801 दिनांक 08 अगस्त 2014 को भी दर्ज कराई गई। सीएम हाउस से उनके पास 09 नवंबर 2014 को फोन आया और बताया कि शिकायत क्रमांक 69076 के आधार पर नगर निगम स्थान का सीमांकन करवा कर अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रहा है। सांखला का कहना है कि असलियत में नगर निगम ने इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की और उनकी शिकायत को नस्तीबद्ध कर दिया गया। जाहिर है कि मुख्यमंत्री सचिवालय को झूठी जानकारी दी गई है। सांखला ने 8 जनवरी 2015 को एक बार पुन: सीएम हेल्पलाइन में नगर निगम के भ्रष्टाचार की शिकायत 612337 पर दर्ज कराई। आज तक कुछ नहीं हुआ।
हाेशंगाबाद| बाबू ने दी झूठी जानकारी, सस्पेंड
सोहागपुरजनपद में इंदिरा आवास योजना को लेकर माछा के गुलाबसिंह विश्वकर्मा ने 11 अक्टूबर को हेल्पलाइन पर शिकायत की थी। उन्हें योजना की दूसरी (35 हजार रुपए) का भुगतान नहीं हुआ था। शिकायत के बाद बाबू कमलसिंह ने राशि भुगतान की झूठी जानकारी फीड कर दी। गुलाबसिंह ने दोबारा हेल्पलाइन पर संपर्क किया तो जांच के आदेश हुए। जांच जिपं सीईओ अभिजीत अग्रवाल ने की तो बाबू की गड़बड़ी पकड़ में गई। बाबू को निलंबित किया गया जबकि प्रभारी जनपद सीईओ एसडीएम नवीत धुर्वे को नोटिस जारी किया।
गलत जानकारी दी