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महाकाल को चढ़ी हल्दी, नौ दिन उत्सव

6 वर्ष पहले
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ज्योतिर्लिंगमहाकाल मंदिर में सोमवार से नौ दिवसीय शिव नवरात्रि पर्व शुरू हो गया। दूल्हे बने महाकाल को 25 हजार से ज्यादा श्रद्धालु देखने उमड़े। पहले दिन ही मंदिर में देशभर के दर्शनार्थियों की कतार लग गई। भारी भीड़ के कारण मंदिर प्रशासन को पूजन-अनुष्ठान के अलावा मंदिर प्रशासन गर्भगृह में प्रवेश बंद रखना पड़ा। श्रद्धालुओं ने रात 11 बजे पट बंद होने तक बाहर से दर्शन करें।

सुबह 7.30 बजे नैवेद्य कक्ष में चंद्रमौलेश्वर, कोटितीर्थ कुंड पर कोटेश्वर महादेव का पूजन कर मंदिर के शासकीय पुजारी पं. घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में 11 ब्राह्मणों ने गर्भगृह में महाकाल का रुद्राभिषेक किया। समिति के प्रशासक जयंत जोशी ने ब्राह्मणों का पूजन कर सोले-दक्षिणा भेंट की। पंडे-पुजारियों ने भगवान को हल्दी-चंदन उबटन लगाकर सुगंधित द्रव्यों से स्नान कराया। दोपहर में पंचामृत से अभिषेक कर आरती कर बाबा महाकाल को सोला, चांदी के आभूषण, मुकुट जलाधारि पर जरी के मखमली वस्त्र धारण कराकर दूल्हा बनाया। सूखे मेवे और भांग, चंदन से सजे महाकाल के दिव्य दर्शन कर भक्त भी अभिभूत हो उठे। रात 10.30 बजे शयन आरती तक दर्शनों का सिलसिला जारी रहा। शाम 4 बजे प्रांगण में पं. रमेश कानड़कर की परंपरागत 106वीं हरिकथा का शुभारंभ हुआ।

आजपंचमुखी नाग धारण करेंगे

शिवनवरात्रि में प्रतिदिन भगवान महाकाल भक्तों को अलग-अलग रूपों में सजेंगे। पुजारी आशीष गुरु ने बताया दूसरे दिन मंगलवार को महाकाल चांदी का पंचमुखी नाग धारण कर दर्शन देंगे।

बाबा महाकाल का आकर्षक शृंगार।

शिव नवरात्र शुरू