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भेदभाव-जातिगत विषमताओं को दर्शाता कोर्ट मार्शल

6 वर्ष पहले
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कालिदास अकादमी स्थित संकुल हॉल में चल रहे राष्ट्रीय नाट्य समारोह में शनिवार रात मेजबान संस्था अभिनव रंगमंडल के कलाकारों ने कोर्ट मार्शल नाटक का मंचन किया। सैन्य पृष्ठभूमि पर आधारित नाटक में समाज में फैले भेदभाव आैर जातिगत विषमताओं को कलाकारों ने बखूबी प्रस्तुत किया। रामचंदर के मुख्य किरदार में दीपक भावसार, कर्नल सूरत सिंह के किरदार में गिरिजेश व्यास आैर कैप्टन बिकॉश राय के किरदार में शरद शर्मा के साथ शरद विश्नोई, धीरज जाट, सतीश राजपूत, वीरेंद्र सिंह ठाकुर, नेहा परसाई, उदय भट्ट, वीरेंद्र नथानियल, मिलिंद करकरे, अजय गोस्वामी, सचिन वर्मा आैर राघव राज ने अलग-अलग किरदार निभाए। कोर्ट मार्शल नाटक का यह 89वां मंचन था। स्वदेश दीपक द्वारा लिखित नाटक का निर्देशन शरद शर्मा ने किया।

मौसीका दाह संस्कार कर सीधे मंच पर उतरे कैप्टन राय

कोर्टमार्शल के निर्देशक आैर नाटक में कैप्टन बिकॉश राय का किरदार निभाने वाले शरद शर्मा की फ्रीगंज निवासी मौसी रामदुलारी पटेरिया का 90 वर्ष की आयु में शनिवार दोपहर निधन हो गया। शर्मा उनकी मौसी के काफी करीबी थे। शाम को अंतिम संस्कार के बाद वे संकुल हॉल पहुंचे तो अन्य कलाकार उन्हें देखकर चकित रह गए। सशक्त कलाकार के रूप में घर में मातम के बावजूद शर्मा ने मंच पर दमदार किरदार भी निभाया।

डायरेक्टर की नजर में नाटक

निर्देशकशरद शर्मा के अनुसार कलाकारों का सशक्त अभिनय, सैन्य पृष्ठभूमि पर आधारित किरदारों की वेशभूषा आैर संवाद एवं मंचसज्जा नाटक के सबसे मजबूत पक्ष रहे। बेहतर पार्श्व संगीत के साथ सैन्य कचहरी के दृश्य भी दर्शकों ने सराहे। कुछ दृश्यों में कलाकार स्पष्ट संवाद बोलने में चूके, यह नाटक का एकमात्र नकारात्मक पक्ष रहा।