बांस बल्लियों पर 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी साधु-संतों को
साधु-संतों को वन विभाग से बांस या बल्ली खरीदने पर मिलने वाली सब्सिडी शासन द्वारा अब तक तय नहीं हुई है। जिन साधु-संतों को अपने कॉटेज जल्दी बनवाना थे, उन्होंने बाहर से बांस-बल्लियां खरीदी है।
वन विभाग को सिंहस्थ के लिए 75 हजार क्विंटल जलाऊ लकड़ी, 50 हजार बल्ली और 75 हजार बांस का स्टॉक करना है। इसके लिए विभाग द्वारा 2 बफर डिपो सहित उजडख़ेड़ा, मंगलनाथ, भैरवगढ़ और और दत्त अखाड़ा क्षेत्र में चार डिपो बनाए जाएंगे लेकिन अब तक सब्सिडी तय नहीं होने के कारण साधुओं ने बाहर से लकड़ियां मंगवा ली है। वन विभाग ने शासन को 50 प्रतिशत सब्सिडी देने के लिए प्रस्ताव भेजा है। अधिकारियों के मुताबिक 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलना लगभग तय है। इधर नेपाली बाबा ने भक्तों के ठहरने के कॉटेज बनवाने के लिए 1 लाख बांस आसाम से मंगवाए हैं। यह बांस उन्हें वन विभाग से मिलने वाले बांस की अपेक्षा सस्ते में मिले है लेकिन अधिकारियों का कहना है कि वन विभाग के बांस ज्यादा अच्छी क्वालिटी के हैं।
परिवहन का 40 लाख रुपए बकाया
अब तक परिवहन का खर्च करीब 1 करोड़ रुपए हो चुका है। इसमें से अब तक ठेकेदार को 60 लाख भुगतान किया गया है। इसके बाद तीन माह से भुगतान नहीं हुआ है। करीब 40 लाख रुपए परिवहन के भुगतान का बाकी है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया बजट की कमी नहीं है लेकिन ई-पेमेंट प्रोसेस की वजह से पेमेंट नहीं हो पाया है। दो-चार दिन में हो जाएगा। ठेकेदार को भुगतान नहीं होने के कारण 25 हजार क्विंटल जलाऊ लकड़ी, 14 हजार बल्ली और 20 हजार बांस आना बाकी है।
बांस और बल्ली पर 50 प्रतिशत सब्सिडी तय है। शासन को इसका प्रस्ताव भेजा है, यह एक दो दिन में हो जाएगा। परिवहन का भुगतान भी जल्दी हो जाएगा। पीसी दुबे, सीसीएफ