पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • अब बारिश थमेगी, ठंड दिखाएगी रंग

अब बारिश थमेगी, ठंड दिखाएगी रंग

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
प्रदेशके कई इलाकों में लगातार तीसरे दिन भी बारिश होती रही। सबसे ज्यादा 2.50 सेमी बारिश ग्वालियर में हुई। इंदौर में भी दिन में हलकी और शाम को तेज बारिश हुई। अंचल के धार जिले में धामनोद, सेमल्दा, बाकानेर क्षेत्र में दोपहर करीब एक घंटा तेज बारिश हुई। देवास जिले के चापड़ा में हवा-आंधी के साथ पानी बरसा। रतलाम, उज्जैन में हलकी बूंदाबांदी के साथ दिनभर बादल छाए रहे। मौसम विभाग के अनुसार अब बारिश थम जाएगी। एक-दो दिन में तापमान तेजी से घटने लगेगा। यानी ठंड अपने रंग दिखाएगी।





बारिश के चलते पूरे प्रदेश में ठंड भी बढ़ गई। खजुराहो में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री रहा, जो प्रदेश में सबसे ठंडा रहा।

कपास, मिर्च और गन्ने की फसल होगी प्रभावित

बालसमुद(खरगोन). शनिवारकी दोपहर तेज हवा के साथ लगभग 10 मिनट बूंदाबांदी हुई। किसानों ने बताया बेमौसम बारिश से कपास, मिर्च और गन्ने की फसलें प्रभावित होगी।

खंडवा.शामकरीब 6.15 बजे बूंदाबांदी हुई। बड़वाह.शनिवारको भी दिनभर चारों ओर काले बादल छाए। शाम 4 बजे के बाद बिजली की चमकी और तेज बारिश हुई। सनावद के करही में भी तेज हवा के साथ बारिश हुई। चने के आकार के ओले भी गिरे। बारिश से कई स्थआनों पर खेतों में पानी जमा हो गया।

बड़वाह. किठुद के किसान नारायण पटेल ने बताया तीन एकड़ खेत में लगी मिर्च की फसल पूरी तरह खराब हो गई। फसल पूरी तरह पककर तैयार हो गई थी। ऐसे में अचानक बारिश होने से नुकसान हो गया। वहीं कपास की फसल पर भी घेटे पूरी तरह खिल गए थे। जिसको इस बारिश ने खराब कर दिया। सुबह सुबह काफी कोहरा भी नजर रहा है।

क्यों हुई बारिश

मौसमविज्ञानी मंगलेश रैक्वपर्ण ने बताया कि प्रदेश में हवा का चक्रवात बना हुआ है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आने का सिलसिला जारी है। इसी वजह से बारिश हो रही है। बादल भी छाए हुए हैं, जिससे ठंड अधिक महसूस हाे रही है।

औरगिरेगा पारा : रैक्वपर्णने बताया कि रविवार शाम से ही प्रदेश में बादल छंटने लगेंगे। इसके बाद उत्तरी दिशा से हवाएं आना शुरू होंगी। ऐसे में मंगलवार से न्यूनतम तापमान में गिरावट सकती है।

गुना. खड़ेलानदी उफान पर गई। रपट पार कर रहे एक शिक्षक की बाइक तेज बहाव में बहने लगी। लोगों ने शिक्षक की जान बचाई।

बहते-बहते बचे