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एलईडी से रोशन होगा शहर

7 वर्ष पहले
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उज्जैन. शहर की सड़कें जल्दी एलईडी लाइट्स से रोशन होगी। नगर निगम द्वारा स्ट्रीट लाइट बंद-चालू करने की ऑटोमैटिक व्यवस्था भी की जाएगी। टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। करीब एक महीने में काम चालू होने की संभावना है। कोशिश यह है कि दीपावली के पहले मुख्य मार्गों और प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास एलईडी की रोशनी की जगमग हो जाए।

निगम ने यह फैसला बिजली के भारी भरकम बिल को कम करने और सिंहस्थ को देखते सड़कों पर ज्यादा रोशनी के लिए लिया है। निगम को हर महीने करीब 80 लाख रु. बिजली खर्च के चुकाने पड़ते हैं। इसमें स्ट्रीट लाइट का खर्च और भवनों का बिजली खर्च शामिल है। बावजूद अधिकतर सड़कों पर अंधेरा रहता है। कभी कर्मचारी स्ट्रीट लाइट चालू करना भूल जाते हैं तो रात में भी राहगीरों को ठोकरें खाना पड़ती है और कभी बंद करना भूल जाते हैं तो सूरज की रोशनी में भी खंभों पर बिजली के लट्टू जगमगाते रहते हैं।
इसके अलावा निगम सालाना करीब 60 लाख रु. के बिजली उपकरण खरीदता है। इस खर्च को कंपनियों से गारंटी की शर्त के साथ खरीदी करने से कम करने में सफलता मिली है। दो साल में यह खर्च घट कर 40 लाख पर गया है।

सिंहस्थ की तैयारी

निगमकी प्रकाश व्यवस्था सिंहस्थ 2016 की तैयारी भी है। सिंहस्थ क्षेत्र और शहर को जगमग करने के लिए एलईडी लाइट्स का उपयोग होगा। योजना का खर्च सिंहस्थ मद से वहन के लिए भी प्रस्ताव दिया जा रहा है।

शहर में एलईडी लाइट्स और ऑटोमैटिक स्ट्रीट लाइट चालू-बंद करने की व्यवस्था लागू होगी। टेंडर प्रक्रिया के बाद काम शुरू हो पाएगा। इससे बिजली खर्च कम होने की उम्मीद है।- रामेश्वर अखंड, महापौर

खरीदी खर्च और घटेगा

सामान्य ट्यूबलाइट और बल्व की गारंटी नहीं होती, कंपनी केवल सहायक उपकरण की अधिकतम दो साल की वारंटी देती है यानी स्टार्टर, चॉक खराब होने पर सुधारती या बदलती है। ट्यूबलाइट, बल्ब निगम को खरीदना पड़ते हैं।
एलईडी की गारंटी अधिकतम 5 साल की होती है। यह गारंटी मेंटेनेंस की होती है। यानी ट्यूबलाइट खराब हो या चॉक कंपनी ही बदलेगी। इससे निगम को ट्यूबलाइट और बल्ब भी नहीं खरीदना पड़ेंगे।

टाइमर का टेंडर निकाला

निगमने स्ट्रीट लाइट बंद चालू करने की ऑटोमैटिक व्यवस्था के लिए टाइमर स्विच लगाने का टेंडर जारी कर दिया है। करीब 20 दिन में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है।