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सिंहस्थ के लिए अधिग्रहण की गई किसानों की जमीन भू-अधिकार पुस्तिका में दर्ज की जाए

7 वर्ष पहले
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उज्जैन। भारतीय किसान के बैनर तले सोमवार को एक हजार से अधिक किसान कोठी पहुंचे। यहां एक साथ तीन ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, कलेक्टर कवींद्र कियावत के नाम जीवाजीगंज सिटी मजिस्ट्रेट रजनीश श्रीवास्तव को सौंपे। ज्ञापन में भारतीय किसान संघ ने कुल 65 मांगे की हैं।
सिंहस्थ 2016 का हवाला देकर जिक्र किया है कि सिंहस्थ में सड़क अन्य उपयोग के लिए किसानों की जो जमीन अधिग्रहण की गई किंतु भू-अधिकार पुस्तिका में आज तक दर्ज नहीं की गई, उसे तुरंत दर्ज किया जाए। जिला अध्यक्ष आनंदसिंह आंजना के मुताबिक 22 सितंबर वार्षिक ज्ञापन दिवस होने पर तीन ज्ञापन दिए गए। इनमें किसानों के हितार्थ मांगें की गई। ज्ञापन देने में मालवा प्रांत संगठन मंत्री महेश चौधरी, प्रदेश मंत्री कमलसिंह आंजना, मालवा प्रांत के पंकज मोदी, भारतसिंह बैस, सुरेश चौधरी, रामसिंह आंजना सहित करीब एक हजार से अधिक किसान शामिल थे।
भारतीय किसान के बैनर तले सोमवार को एक हजार से अधिक किसान कोठी पहुंचे। यहां पीएम, सीएम कलेक्टर के नाम ज्ञापन जीवाजीगंज सिटी मजिस्ट्रेट रजनीश श्रीवास्तव को सौंपे।
ज्ञापन के जरिए रखी कुछ प्रमुख मांगें
-पारिवारिक बंटवारे में स्टाम्प ड्यूटी ली जाना बंद की जाए।
- खरीफ की फसल आने वाली है और रबी की तैयारी है। बारिश कम होने पर अभी बिजली, बैंक, खाद-बीज अन्य वसूली बंद की जाए।
- बोवनी के ऐसे बीज उपलब्ध करवाए जाए, जिनमें कम पानी लगता हो।
- फसल बीमा ऐच्छिक किया जाए एवं प्रत्येक खेत को इकाई मानकर किया जाए।
- मनरेगा योजना को समस्त कृषि कार्यों से भी जोड़ा जाए।
- प्याज के आयात पर प्रतिबंध लगाया जाए तथा निर्यात खोला जाए एवं समर्थन मूल्य घोषित कर खरीदी की जाए।
-किसानों को नेफेट से प्याज का बीज रियायती कीमत पर उपलब्ध कराया जाए।
-1000 से अधिक किसानों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर की 65 मांगें।