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पोलियो की दवा पिलाने में नागदा ने उज्जैन को पीछे छोड़ा, दो दिन में 92 प्रतिशत

5 वर्ष पहले
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व्यापक प्रचार-प्रसार के कारण अच्छे नतीजे

भास्कर संवाददाता | नागदा

पल्स पोलियो अभियान के प्रथम चरण की शुरुआत रविवार से हुई। एसडीएम ऋजु बाफना की मेहनत रंग लाई और पहले दिन रविवार को ही नागदा तहसील में 82 प्रतिशत बच्चों को दवा पिलाई गई। यह आंकड़ा जिलेभर के केंद्रों में अव्वल है। यहां तक कि शहर ने उज्जैन को भी पछाड़ दिया। उज्जैन शहर के केंद्र 78 प्रतिशत तक ही पहुंच पाए। दूसरे दिन सोमवार को यह आंकड़ा 92 प्रतिशत पहुंच गया है। मंगलवार को अंतिम दिन स्वास्थ्य अमला इसे शत-प्रतिशत पूर्ण कर दवा पिलाने में जिलेभर में टॉप पर पहुंच जाएगा।

पोलियो अभियान को लेकर पहली बार व्यापक स्तर पर एसडीएम बाफना के नेतृत्व में प्रचार-प्रसार किया गया था। एसडीएम बाफना व बीएमओ संजीव कुमरावत ने गणमान्य नागरिकों के सहयोग के माध्यम से साइकिल रैली, विद्यार्थियों की रैली, नुक्कड़ नाटक, सफाई वाहनों से माइकिंग कराने के साथ ही अभियान की शुरुआत में प्रत्येक घर स्कूली बच्चों को पहुंचाकर 0-5 वर्ष के बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाने का अनुरोध कराया था। साथ ही एसडीएम बाफना अभियान के पहले दिन स्वयं प्रत्येक बूथ, बंजारों के डेरों सहित मजदूरों के निर्माणस्थल पर पहुंचीं। जिसका असर भी हुआ और पहले दिन ही नागदा में 82, उन्हेल में 82 व खाचरौद में 75 प्रतिशत बच्चों ने दवा पी। विकासखंड का प्रतिशत भी 82 प्रतिशत से अधिक रहा।

सबसे पिछड़ा रहा दमदमा केंद्र
उज्जैन ग्रामीण क्षेत्र में 74 प्रतिशत तो शहरी क्षेत्र में 67 प्रतिशत ही पोलियो दवा पिलाई गई। जिले के शहरी क्षेत्र में सबसे पिछड़ा केंद्र दमदमा 18 प्रतिशत व माधवनगर 60 रहा। ग्रामीण क्षेत्र में सबसे पिछड़ी तहसील बड़नगर रही, जहां 59 प्रतिशत बच्चों को ही पोलियोरोधी दवा पिलाई गई। नागदा-खाचरौद विकासखंड में लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए 437 दल विकासखंड के 88 हजार घरों पर दस्तक दे रहे हैं।

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