पंचमी पर बसंत में सजे महाकाल, गुलाल से खेली होली
उज्जैन| बसंत पंचमी पर शनिवार को ज्योतिर्लिंग महाकाल ने कई रूपों में दर्शन दिए। तड़के 4 बजे भस्मारती में पंडे-पुजारियों ने भगवान को बसंत अर्पित कर पीले वस्त्र और सोने-चांदी के आभूषण धारण कराकर बसंत स्वरूप में शृंगारित किया। सुबह 10.30 बजे की भोग आरती में दिव्य चंदन शृंगार में सजे तो शाम को संध्या आरती में पंडे-पुजारियों और भक्तों ने गुलाल उड़ाकर महाकाल के साथ होली खेली। पुजारी आशीष गुरु ने बताया महाकाल में बसंत पंचमी से होली पर्व की शुरुआत होती है। भस्मारती से लेकर संध्या आरती तक देशभर से उमड़े सैकड़ों श्रद्धालु महाकाल के इन निराले रूपों को देख अभिभूत हो उठे। अब रोज संध्या आरती में भक्त अबीर-गुलाल उड़ाकर महाकाल संग होली खेलेंगे। फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा 22 मार्च को सबसे पहले गोधूलि बेला में महाकाल के प्रांगण में होली जलेंगे। फोटो अशोक मालवीय