साधु-संतों को आधे भाव पर मिलेगी जलाऊ लकड़ी
वन विभाग ने साधु संतों को जलाऊ लकड़ी की उपलब्धता के लिए लगभग 50 फीसदी सब्सिडी तय की है। अखाड़ों को जलाऊ लकड़ी 402 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर प्रदाय की जाएगी। समिधा एवं अन्य कार्यों के लिए सभी प्रकार की लकडिय़ां इसी भाव पर मिलेगी। वन विभाग द्वारा सिर्फ अखाड़ों काे ही लकडिय़ां दी जाएंगी। बाजार में लकड़ियों के भाव अभी लगभग 600 से 700 रुपए प्रति क्विंटल है।
शनिवार को वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक ने विभागीय बैठक में चारों शासकीय डिपो के प्रभारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि साधु संतों को सम्मान के साथ जलपान करवाया जाए और इच्छानुसार लकड़ियों की खरीदी करने दी जाए। डिपो पर 10 दिन से अधिक लकड़ी स्टॉक नहीं की जाए एवं फायर एक्सटिंग्युशर हमेशा तैयार रहे। गर्मी के समय सूखी लकड़ियों में आग लगने की आशंका रहती है।
भूमि आवंटन पत्र पर मिलेगी लकड़ी- वन विभाग के डिपो से साधु-संतों को और अखाड़ों को ही सब्सिडी पर लकड़ी मिलेगी। इसके अलावा अन्य किसी भी व्यापारिक प्रतिष्ठान या प्राइवेट संस्था को लकडिय़ां नहीं बेची जाएंगी। मुख्य वन संरक्षक डॉ. पीसी दुबे ने बताया अखाड़ों को सूचित किया गया है कि वे अपना भूमि आवंटन पत्र की फोटो कॉपी बताकर लकड़ी खरीदे एवं किसी बाहरी व्यक्ति को भूमि आवंटन पत्र की फोटो कॉपी ना दे।