दुष्यंत हत्याकांड : मुख्य आरोपी राहुल रिमांड पर
उज्जैन | दुष्यंत शर्मा हत्याकांड के मुख्य आरोपी पांच हजार के इनामी राहुल मराठा को पुलिस ने शनिवार को कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने उसे सोमवार तक रिमांड पर लिया है। वारदात के बाद राॅयल ट्रैवल्स की जिस तूफान जीप से राहुल फरार हुआ था, पुलिस उसे रिमांड अवधि में राहुल की निशानदेही पर बरामद करेगी। पुलिस ने राहुल के इंदौरी दोस्त रितु गुरु को भी संरक्षण देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इधर, नाम नहीं छापने की शर्त पर एक पुलिस अधिकारी ने बेहद चौंकाने वाली बात कही, माधवनगर पुलिस राहुल को गिरफ्तार नहीं करना चाह रही थी, इसलिए सायबर सेल को उसे पकड़ना पड़ा।
पुलिस पर भी सरंक्षण के लगते थे आरोप : राहुल को संरक्षण देने के आरोप पुलिस वालों पर भी लगते रहे हैं। सूत्रों की मानें तो पुलिस को राहुल के हर लोकेशन की जानकारी होती थी। वह कब अपनी गर्लफ्रेंड और कब अपनी मां से मिलने घर आता था। सब पुलिस को पता रहता था। प्रॅापर्टी कारोबार में भी राहुल को पुलिस का सहयोग मिलता था। एसपी वर्मा ने दो माह पहले एक प्रेस कांफ्रेंस में सार्वजनिक रूप से कहा था कि राहुल को संरक्षण देने में अगर किसी पुलिस वाले की संलिप्तता मिलती है तो उसे दंड दिया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि राहुल से मिले सिम नंबरों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तो कई पुलिस वाले बेनकाब होंगे।
देसाई नगर में घुमाया, फिर कोर्ट में पेश किया : पुलिस ने कोर्ट में पेश करने से पहले राहुल को देसाईनगर में घुमाया। आमतौर पर जिस भी गुंडे का जुलूस निकाला जाता है पुलिस उसे सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक लगवाती रही है। राहुल मराठा के साथ ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। मात्र औपचारिकता निभाते हुए घुमा दिया गया।
पुलिस गिरफ्त में मुख्य आरोपी राहुल और उसका दोस्त
डीसी होमगार्ड्स ऑफिस में की थी हत्या
भैंस से लदी गाड़ी से अवैध वसूली और वर्चस्व की लड़ाई में पिछले साल 30 अगस्त की शाम को दर्जन भर से अधिक लोगों ने दुष्यंत को नागझिरी चौराहे पर घेर लिया था। जान बचाने के लिए वह होमगार्ड्स के डिविजनल कमांडेंट के नागझिरी स्थित कार्यालय के कम्प्यूटर कक्ष में घुस गया। पीछा कर रहे हमलावर मौके पर पहुंच गए और चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक हेड कांस्टेबल विनय शर्मा का बेटा दुष्यंत भी अापराधिक प्रवृत्ति का था। वारदात में देसाई नगर निवासी राहुल पिता शिवकुमार उईके मराठा, विजय उर्फ अग्रेंज पिता जगदीश अखंड, ओमप्रकाश उर्फ लड्डू पिता सुरेश, अशोक नगर के सुनील गुरु पिता लक्ष्मीनारायण शर्मा, देवास के भौरासा निवासी विष्णुलाल पिता कोदाजी मालवीय और दिनेश पिता आेंकारलाल शर्मा निवासी मंदसौर का नाम सामने आया था। राहुल को छोड़कर अन्य आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
नानाखेड़ा से पकड़ा
राहुल मराठा वारदात के बाद से ही फरार था। एसपी एमएस वर्मा ने उस पर पांच हजार का इनाम भी घोषित किया था। एएसपी क्राइम मनीष खत्री ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि राहुल शुक्रवार को शादी में शामिल होने के लिए उज्जैन आ रहा है। जिस पर माधवनगर थाना प्रभारी एमएस परमार व सायबर सेल प्रभारी दीपिका शिंदे ने फोर्स के साथ नानाखेड़ा बस स्टैंड पर घेराबंदी की। बस से उतरते ही राहुल को दबोच लिया। हालांकि सूत्र बताते हैं कि राहुल को सायबर सेल ने दो-तीन दिन पहले ही पकड़ लिया था। इस दौरान उससे पिछले साल दो दिसंबर को इस्कॉन मंदिर के पास व्यापारी जितेंद्र हरभजनका से हुई 2.08 लाख की लूट के बारे में पूछताछ की गई। राहुल के इंदौरी दोस्त रितु गुरु को भी संरक्षण देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इसी के घर उसने फरारी काटी है।