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लोक अदालत के प्रयास से फिर खिले दाम्पत्य की बगिया के मुरझाए फूल

7 वर्ष पहले
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उज्जैन। मेगा लोक अदालत के प्रयासों से शनिवार को एक मर्तबा फिर दाम्पत्य की बगिया के मुरझाए कईं फूल खिल उठे। पति-पत्नी के बीच सालों से चली आ रहीं रिश्तों की कड़वाहट को
वे कुटुम्ब न्यायालय में ही त्याग कर दाम्पत्य जीवन की ओर लौट गए। शनिवार सुबह 11 बजे नेशनल मेगा लोक अदालत का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेपी गुप्ता ने किया। उन्होंने कहा आम आदमी को सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के लिए मेगा लोक अदालत का आयोजन किया है। इस दौरान सीजेएम जीसी शर्मा, कलेक्टर कवींद्र कियावत, एसपी मनोहरसिंह
वर्मा, आल इंडिया बार कौंिसल के सदस्य प्रताप मेहता, जिला बार एसो. अध्यक्ष अतुल रैना, एडवोकेट राजेश जोशी सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद थे।
संचालन जिला विधिक अधिकारी वीरेंद्रकुमार चडार ने किया। इस दौरान प्रतीकात्मक रूप से ओरिएंटल बीमा कंपनी और वादी के मध्य हुए समझौते के तहत 5 लाख 71 हजार का चेक दिया गया।
इन मामलों में भी सुलह और राहत: - एडव्होकेट हेमचंद्र नाईक, द्वारिकाधीश चौधरी के सहयोग से समझौते के तहत बीमा कंपनी के 20 प्रकरण समाप्त करवाए गए।

- एडव्होकेट गिरीश चंद्रवंशी ने दुर्घटना क्लेम प्रकरण में पूजा को 1.50 लाख रु. की राशि दिलवाई।
- एडव्होकेट हरदयालसिंह ठाकुर के सहयोग से सालों से अलग रह रहे अलग-अलग तीन दंपत्ति दोबारा से गृहस्थ जीवन में लौट गए।
एक नजर :
जिले में कुल
न्यायालय
41
बनाई गई खंडपीठ
39
रखे गए कुल
प्रकरण
608584
निराकरण प्रकरण
582367
लाभांवित व्यक्ति
546899
समझौते में वसूली
गई कुल धनराशि
98551113
बिजली/पानी बिल
की वसूली राशि
55192000
बैंक वसूली राशि
13659069
नगर निगम की
वसूली राशि
12788204
बांटे गए कुल पौधे
1818
विवाह की कसमें और निकाह के कबूलनामे को याद कर गृहस्थी में लौटे : बच्चों को मिलेगा माता-पिता का दुलार : प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्रीमती दुर्गा डाबर ने देवास निवासी संदीप डिंडोरे व उसकी संजय नगर निवासी पत्नी नीतू के बीच एक-दूसरे को वरमाला पहनवा कर उनकी 19 फरवरी 09 के विवाह की याद दिलाई। छोटी-छोटी बातों पर विवाद कर संदीप पुत्री हर्षिता व नीतू पुत्र अंश को साथ लेकर करीब डेढ़ साल पहले अलग हुए थे। पत्नी नीतू ने कुटुम्ब न्यायालय में निजी कंपनी में काम करने वाले पति संदीप के खिलाफ भरण-पोषण का वाद दायर किया था। मेगा अदालत में सुलह के बाद अब मासूम हर्षिता व अंश को माता-पिता का एक साथ दुलार मिल सकेगा।
और हाथ थाम बढ़ाए कदम : महावीर नगर निवासी दीपक पिता नाथूसिंह परमार का 9 फरवरी 11 को तराना निवासी पिंकी के साथ विवाह हुआ था। शादी के करीब तीन माह बाद दोनों के बीच विवाद हुआ और तभी से दोनों अलग-अलग रह रहे थे। कुटुम्ब न्यायालय अति प्रधान न्यायाधीश जयश्री वर्मा की अदालत में दोनों के अलगाव का वाद विचाराधीन था। मेगा अदालत में दोनों को परिजनों के साथ बुलवाया गया। जहां समझाइश के बाद इनके बीच करीब 3 साल का विवाद 30 मिनट में सुलझ गया और पति-पत्नी एक-दूसरे को हार पहनाकर गृहस्थ जीवन की ओर लौट पड़े।
एक-दूसरे से कहा अब रहेंगे साथ : रतलाम निवासी जावेद पिता कल्लू खां का16 मई 2012 को केडीगेट निवासी शबनम बी के साथ निकाह हुआ था। निकाह के बाद से ही इनके बीच रिश्तों में कड़वाहट शामिल हो गई। शबनम बी ने पति जावेद व सास अजीमा बी के खिलाफ महिला थाने में दहेज प्रताड़ना का प्रकरण भी दर्ज करवा दिया। हालांकि प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। बावजूद दोनों के बीच शनिवार को सुलह हो गई। जावेद ने शबनम को गुलदस्ता भेंट किया। इस दौरान दोनों ने अदालत में कहा कि अब रिश्तों में नहीं रहेगी । कड़वाहट आज से रहेंगे हमेशा साथ।