नागदा. उज्जैन जिले की पाड़सुतिया ग्राम पंचायत में बीते 13 साल से अघोषित लोकपाल लागू है। यहां भ्रष्टाचार के खिलाफ पारदर्शिता की मुहिम पूर्व सरपंच रघुनाथसिंह भगत ने छेड़ रखी है।
खाचरौद तहसील की इस पंचायत में भगत ने 13 सालों में हुए सभी विकास कार्यों का ब्योरा सार्वजनिक कर रखा है। किस काम के लिए कितना धन आया। कहां-कितना खर्च हुआ। इसका ब्योरा फोटो प्रदर्शनी में हर ग्रामीण देख सकता है। वर्तमान सरपंच श्यामूबाई भी इस मुहिम को आगे बढ़ा रही हैं।
भगत ने पारदर्शिता अपनाने व भ्रष्टाचार के खिलाफ माहौल बनाने का काम सरपंच बनने से पहले शुरू कर दिया था। हर विकास कार्य का लेखा-जोखा तस्वीरों के रूप में सहेजने पर भगत कहते हैं कि ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए धनराशि मिलती है। इसमें गोलमाल का अंदेशा हर ग्रामीण को रहता है। राशि की मंजूरी के लिए कमीशनबाजी, काम होने पर गुणवत्ता में कमी का आरोप कोई भी लगा सकता है। इसीलिए पंचायत में किए गए हर विकास कार्य के विभिन्न चरणों को तस्वीरों में कैद करना शुरू कर दिया।
पुलिया के पैसे से स्टापडेम भी बनवा दिया
भगत ने 2004 से 2008 के बीच सूखा पडऩे के दौरान बागेड़ी नदी में करीब 50 कुएं निजी खर्च पर खुदवा दिए थे। जिससे कभी पानी की किल्लत महसूस नहीं हुई। इसी नदी पर पुलिया निर्माण के लिए मंजूर राशि से उन्होंने पुलिया के साथ स्टापडेम भी बनवा दिया। एक ही मद के लिए पर्याप्त राशि से दो निर्माण कराने पर पीडब्ल्यूडी इंजीनियर तक अचंभे में पड़ गए थे।
साल 2000 में शुरू की थी यह मुहिम
भगत ने पारदर्शिता की यह मुहिम साल 2000 में शुरू कर दी थी। उस वक्तशांतिलाल बामनिया सरपंच थे। उन्हें भी भगत का सुझाव पसंद आया। बाद में भगत 2005 से 2010 तक खुद सरपंच रहे। अब श्यामूबाई सरपंच हैं। भगत ने 2004 से 2008 के बीच सूखा पडऩे के दौरान बागेड़ी नदी में करीब 50 कुएं निजी खर्च पर खुदवा दिए थे। जिससे कभी पानी की किल्लत महसूस नहीं हुई।
तो बदल सकती है तस्वीर
भ्रष्टाचार समाप्त करने की दिशा में पूर्व सरपंच द्वारा किए गए प्रयास सराहनीय है। उनसे प्रेरणा ली जाए तो हर गांव की तस्वीर बदल सकती है।’
-केबी मालवीय, सीईओ, जनपद पंचायत, खाचरौद
लोकपाल अपनाने का प्रयास कर रही हूं
‘सरपंच पद संभालने के बाद से मैं भी रघुनाथसिंह भगत के समान ही पारदर्शिता अपनाने की कोशिश कर रही हूं। निर्माण कार्य में कोई घोटाला न हो, इसका जिम्मा भगत को ही सौंप रखा है। वे हर निर्माण कार्य संबंधी फोटो प्रदर्शनी तैयार कर रहे हैं।’
-श्यामूबाई, सरपंच, ग्राम पंचायत पाड़सुतिया रघुनाथसिंह
ग्राम पंचायत के लोकपाल के बाद आगे की स्लाइड्स में पढ़ें क्या है लोकपाल और कैसे भ्रष्टाचार पर यह लगाएगा लगाम...