पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • बिगड़ा ट्रैफिक, बेपरवाह पुलिस

बिगड़ा ट्रैफिक, बेपरवाह पुलिस

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
विदिशा। शहर के किसी भी चौराहे और तिराहे पर ट्रैफिक कंट्रोल नहीं होता है। प्राय: देखने में रहा है कि ट्रैफिक पुलिस के जवान चौराहे के पाइंट से अलग हटकर इधर-उधर की होटलों और दुकानों में बैठकर टाइम पास करते हैं और ट्रैफिक व्यवस्था भगवान भरोसे छोड़ देते हैं। शहर के एकमात्र ईदगाह तिराहे पर ही सबसे ज्यादा ट्रैफिक पुलिस के जवान सक्रिय नजर आते हैं लेकिन अन्य किसी भी चौक-चौराहे पर ट्रैफिक कंट्रोल का प्रयास नहीं किया जाता है।
शनिवार को दोपहर में 12 से 4 बजे तक जब भास्कर टीम ने ईदगाह तिराहा, नीमताल चौराहा, दुर्गानगर चौराहा और पीतलमिल तिराहे पर ट्रैफिक सिस्टम का जायजा लिया तो काफी चौंकाने वाली स्थित सामने आई। किसी भी चौराहे और तिराहे पर ट्रैफिक पुलिस के जवान ट्रैफिक कंट्रोल करते हुए दिखाई नहीं दिए। यही वजह है कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है।
कम हैं ट्रैफिक जवान
^वर्तमानमें अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलाकर कुल 35 का स्टाफ ट्रैफिक पुलिस के पास है जोकि कम है। वीआईपी ड्यूटी भी लगानी पड़ती है। इसके अलावा दोपहर में लंच के लिए भी छोड़ना पड़ता है। ऐसे में चौराहों पर एक-एक जवान को ड्यूटी पर लगाया जाता है। सीके पटेल, ट्रैफिक इंचार्ज शहर।
भास्कर लाइव| तिराहे-चौराहे छोड़कर होटल में बैठे रहते हैं ट्रैफिक पुलिस के जवान
ईदगाह तिराहा: भगवान भरोसे सुरक्षा
- दोपहर में 12 से 4 बजे तक चौराहों से गायब रहते हैं ट्रैफिक जवान

- ईदगाह तिराहे को छोड़कर अन्य तिराहों-चौराहों पर सक्रिय नहीं रहती पुलिस
दुर्गानगर चौराहा: ट्रैफिक कंट्रोल नहीं
दोपहर1 से 2 बजे तक दुर्गानगर चौराहे पर भी कोई पुलिस जवान तैनात नहीं था। यहां सर्किट हाउस, कलेक्टर, एसपी, सीईओ और डीजे तमाम वीआईपी अधिकारियों के बंगले हैं और रेलवे स्टेशन का ट्रैफिक भी ज्यादा रहता है लेकिन कोई भी पुलिस जवान यहां नहीं दिखता है।
नीमताल चौक:कश लगा रहा था जवान
दोपहरबाद 3 से 4 बजे तक नीमताल चौक पर कोई भी जवान ट्रैफिक कंट्रोल करते हुए दिखाई नहीं दिया। वाहन अव्यवस्थित तरीके से निकल रहे थे और एक एएसआई नाश्ते की दुकान पर बैठकर टाइम पास कर रहा था तथा एक कांस्टेबल सिगरेट के कश लगाने में मशगूल था।
दोपहर 2 से 3 बजे तक ईदगाह तिराहे पर सुरक्षा व्यवस्था केवल एक हेड कांस्टेबल और एक एएसआई के भरोसे दिखाई दी। यहां ट्रैफिक का काफी दबाव रहता है। पूछने पर पता चला कि बाकी स्टाफ लंच पर गया है। चौराहे पर कोई भी ट्रैफिक कंट्रोल नहीं कर रहा था।