- Hindi News
- केरल हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील और पूर्व छात्र ने बताई अपनी व्यथा
केरल हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील और पूर्व छात्र ने बताई अपनी व्यथा
विदिशा। एसएसएलजैन कॉलेज में पढ़ना उस वक्त के छात्र-छात्राओं के लिए गौरव की बात थी। दक्षिण भारत से काफी संख्या में हर साल इस कॉलेज में एडमिशन के लिए स्टूडेंट आते थे। अब यहां के हाल देखकर बहुत दुखी हूं। सोचा भी नहीं था जिस कॉलेज से कई अच्छे प्रशासनिक अफसर, जज, वकील निकले अब उसके ये हाल होंगे। ये व्यथा केरल के एर्नाकुलम हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील और जैन कॉलेज के पूर्व छात्र मेहमूद शरीफ ने बताई। वे बुधवार को एसएसएल कॉलेज देखने आए थे। उन्होंने वर्ष 1978-79 में यहां से अंग्रेजी साहित्य में एमए किया था। कॉलेज आकर वे स्टॉफ से मिले और पुराने दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि जब केसी नायर जैन कॉलेज के प्राचार्य थे तब केरल से दर्जनों की संख्या में छात्र-छात्राएं यहां पढ़ने आते थे। उस वक्त केरल में चुनिंदा कॉलेज थे और उनमें निश्चित सीट होती थीं। इस वजह से केरल में हाई एजूकेशन प्राप्त करना बहुत कठिन था। वहां के निजी कॉलेज बहुत महंगे थे। उस वक्त वहां एमएससी की फीस करीब 15 हजार रुपए थी जबकि विदिशा के जैन कॉलेज में बहुत कम थी। लिहाजा यहां एमएससी, एमए, एमकॉम करना गर्व की बात होती थी।
मेहमूद शरीफ
कॉलेज देखकर दुखी हूं