विदिशा. शुक्रवार को पुलिस ने एक बड़े चोर गिरोह का खुलासा किया। इस गिरोह में शहर का एक नामी ज्वेलर्स भी शामिल है। 6 एवं 7 सितंबर की दरम्यानी रात में जय प्रकाश मंच के पास निवासी निरंजन कुमार पाटनी के घर पर हुई चोरी की वारदात में शामिल इन चोरों से पुलिस ने करीब 15 लाख रुपए का माल बरामद किया है।
मुख्य आरोपी धर्मेंद्र कुशवाह की 18 सितंबर को मेहलुआ चौराहे के पास सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है। एएसपी रायसिंह नरवरिया ने बताया कि निरंजन कुमार पाटनी के निवास पर हुई चोरी की घटना को अंजाम देने वाले लुहांगीपुरा निवासी 19 वर्षीय जस्सू उर्फ अजय नामदेव, किले अंदर जैन मंदिर के पास निवासी 42 वर्षीय रूपेश उर्फ मर्फी जैन और ग्राम हनोता तहसील खुरई जिला सागर निवासी 25 वर्षीय संतोष पटेल को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों को पकडऩे में पुलिस को पुलिस ने शहर के कई आरोपियों की धर-पकड़ और छानबीन के बाद सफलता हासिल हुई है। एसपी ने बताया कि आरोपियों से 14 किलो चांदी, भगवान के चांदी के चांदी छत्र, चांदी का सिंहासन, चांदी के सिक्के कीमत करीब 6 लाख रुपए और तीन लाख रुपए नगद चोरी के रुपयों से खरीदी गई एक सफारी गाड़ी कीमत करीब 6 लाख रुपए कुल कीमत करीब 15 लाख रुपए का माल बरामद किया है।
ऐसे पकड़ में आया गिरोह : 18सितंबर को कुरवाई के पास सफारी और ट्रक की भिडं़त में धर्मेंद्र कुशवाह की मौत हो गई थी। धर्मंद्र अपनी प|ी डेढ़ वर्ष के बेटे के साथ सफारी से करीला माता के दर्शन कर लौट रहा था।
यह सफारी किलेअंदर निवासी रूपेश जैन की थी, जिसे रुपेश ने धर्मेंद्र कुशवाह को बेचना बताया था। जिस तारीख को सफारी का हादसा हुआ, उसी तारीख में गाड़ी बेचने की लिखा पढ़ी हुई है। पुलिस ने बताया कि रूपेश ने चोरी के माल में से हिस्से के तौर पर धर्मेंद्र को सफारी गाड़ी दी थी।
चोरी का माल ठिकाने लगाता था रूपेश
एएसपीनरवरिया ने बताया कि रुपेश जैन ज्वेलर्स दुकान का संचालक है। रुपेश जैन की भूमिका गिरोह में चोरी की वारदात में प्लानर की थी, वहीं चोरी के माल को भी वह ठिकाने लगाता था। उन्होंने बताया कि उसने इस घटना में चुराए माल में से कुछ माल को खुरई में बेचा था।
सिक्का उछालकर देते हैं मंसूबों को अंजाम
एएसपीने बताया कि इस गिरोह में शामिल मृतक धम्मू उर्फ धर्मेंद्र कुशवाह और जस्सू उर्फ अजय नामदेव आदतन अपराधी हैं।