35 एकड़ में है श्रीराम की सत्ता
मेला अवधि में मर्यादा में रहते हैं रामलीला के प्रमुख पात्र
रामलीलाके प्रमुख पात्र राम,लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न तथा सीताजी बनने वाले पात्रों के चयन में विशेष सावधानी बरती जाती है। पात्रों का चयन तभी तक होता है जब तक उनकी मूंछें तथा दाढ़ी नहीं जाती। रामलीला चलने तक ये पात्र सभी तरह के व्यसनों, झूठ सहित अन्य बुराइयों से पूरी तरह दूर रहते हैं। जब ये पात्र सिर पर मुकुट धारण कर लेते हैं तो फिर किसी के पैर नहीं छूते। बल्कि माता-पिता भी इनके पैर छूकर माथे से लगाते हैं। चुने गए प्रमुख पात्रों को पूर्व सचिव सुरेशशर्मा शास्त्री के निवास पर विधिवत प्रशिक्षण दिया जाता है।
^रामलीला पिछले 114 साल से सफलतापूर्वक चल रही है। सभी लोगों की सलाह लेकर इसे और अधिक आधुनिक, लोकप्रिय बनाया जाएगा। चंद्रकिशोरशास्त्री मिश्र, प्रधान संचालक रामलीला
रामलीला परिसर में रोशनी से जगमगाता अयोध्या भवन। यहां 10 हजार वर्ग फीट प्रांगण में रामलीला का सजीव मंचन किया जाता है। फोटो: मोनू शर्मा