(विदिशा। गुरुवार को कलेक्टोरेट के सभागार में वार्डों के आरक्षण के दौरान पर्ची उठाती बालिका।)
विदिशा। गुरुवार को विदिशा नगर पालिका क्षेत्र के वार्डों का आरक्षण मामूली आपत्ति और बहस के बीच हो गया। इससे राजनीतिक समीकरण काफी बदल गए हैं। आरक्षण से कई वार्डों में कांग्रेस भाजपा के मौजूदा पार्षदों की अगली दावेदारी की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। दूसरी तरफ 50 फीसदी महिला सीटें आरक्षित होने से कुछ मौजूदा पार्षद अब अपने परिवार की महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। कलेक्टोरेट सभा कक्षा में सुबह 11.30 बजे से विदिशा नगर पालिका के वार्डों के वार्ड आरक्षण की कवायद शुरू हुई। इस दौरान मौजूदा पार्षदों सहित नई उम्मीदवारी की उम्मीदों को लेकर यहां बड़ी संख्या में लोग अलग-अलग वार्डों से मौजूद रहे।
आरक्षण को लेकर जनप्रतिनिधियों और नेताओं में उत्साह और बेचैनी का माहौल नजर आया। जैसे-जैसे वार्डों के टोकन घड़े से बाहर निकलते और उनकी घोषणा होती वैसे-वैसे लोगों की उत्सुकता और भी बढ़ती रही। जिला निर्वाचन अधिकारी जेपी शर्मा, तहसीलदार रविशंकर राय और नपा सीएमओ आरपी मिश्रा की मौजूदगी में आरक्षण की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। शगुन नाम की छोटी बच्ची द्वारा स्टील के घड़े से टोकन निकलवाए गए।
आरक्षण पर एक नजर
अजजा-वार्ड-36,अजा-वार्ड-18, 20, 25, 29, 32, 34
अपिव-वार्ड-10, 15, 16, 17, 19, 21, 26, 35, 38, 39 अना.वार्ड- 1, 2, 3, 4, 5, 6,7, 8, 9, 11, 12,13, 14, 22, 23, 24, 27, 28, 30, 31, 33, 37
महिलाआरक्षित सीट
अजा-वार्ड-25,27, 32
अपिव-वार्ड-17, 10, 15, 19, 38
अनारक्षित-वार्ड-1, 3, 6, 8, 11, 13, 14, 28, 30, 31, 37
हालात
शहर की आबादी 1,66,429
कुल वार्ड 39
अजा वार्ड 06
अजजा वार्ड 01
अपिव वार्ड 10
अनारक्षित वार्ड 22
संबंधित वार्डों से दावेदारी में जुटे जनप्रतिनिधि
नपा चुनाव| 39 वार्डों का आरक्षण, 19 वार्डों में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित
19 पार्षदों में से एक भी महिला पार्षद नहीं आई
आरक्षणमें 39 वार्डों में 50 फीसदी सीटों पर महिलाओं के लिए आरक्षण किया गया है। इसके बावजूद आरक्षण की कार्रवाई प्रक्रिया में महिलाओं की मौजूदगी देखने को नहीं मिली। मौजूदा नगर पालिका परिषद की 19 महिला पार्षदों में से एक भी पार्षद आरक्षण प्रक्रिया की पारदर्शिता को देखना उचित नहीं समझा। यहां सिर्फ वर्तमान पुरुष पार्षद एवं पार्षद पति ही मौजूद रहे।
आरक्षण पर उठाए सवाल: आरक्षण की कार्रवाई समाप्ति के बाद महज वार्ड 36 को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई। इसके अलावा अन्य वार्डों के आरक्षण को लेकर किसी का कोई विरोध देखने को नहीं मिला। मौजूदा पार्षद अशीष भदौरिया ने बताया कि परिसीमन में नियमों का पालन नहीं हुआ है। वार्ड 36 की 11 हजार 126 की आबादी में महज सवा सौ परिवार एसटी वर्ग के हैं। इसके बावजूद वार्ड 36अजजा महिला के लिए आरक्षित किया है। उन्होंने बताया कि वे इसके विरोध में न्यायालय की शरण में जाएंगे।