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ब्रह्म मुहूर्त से देर रात तक चला घट स्थापना का दौर
शारदेयनवरात्रि की शुरुआत के साथ गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में मंदिरों और पंडालों में घटस्थापना की गई। इसके साथ ही शहर सहित अंचल में मां अंबे की प्रतिमा और घट स्थापना का दौर रात तक चला। माता मंदिरों में अलसुबह से ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी। शक्ति की भक्ति का यह सिलसिला नवमीं तक चलेगा।
शहर के प्रमुख दुर्गा मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार सुबह से ही लग गई थी। ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुआ जयकारे का सिलसिला रात तक जारी रहा। शहर में 150 से अधिक पंडालों में प्रतिमाएं स्थापित कीं गईं। नवरात्र में देवी जागरण और गरबा उत्सव की धूम रहेगी। पंडाल समितियों के लोगों के द्वारा देवी जागरण कराया जाएगा। रोजाना ही शहर के किसी किसी स्थान पर जागरण होगा। इसके अलावा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी जगह-जगह होंगे। शारदीय नवरात्र में मां भगवती की आराधना का उत्सव गुरुवार से शुरू हो गया है। गुरुवार को 150 से अधिक स्थानों पर देवी प्रतिमाएं विराजीं। पंडालों तक प्रतिमाएं ले जाने का कार्यक्रम रात तक चलता रहा है। कई समितियां प्रतिमाएं भोपाल से लेकर आईं जिन्हें शुभ मुहूर्त में स्थापित किया गया। वहीं कई श्रद्धालु सलकनपुर पैदल और वाहनों से जाने के लिए रवाना हुए। बैंड बाजे और जय माता दी के जयकारों के साथ प्रतिमाएं पंडाल में पहुंची। शहर के किलेअंदर स्थित शिवमंदिर, कार्तिक चौक, चौपड़ा, डंडापुरा, बड़ाबाजार, बस स्टैंड, निकासा, बंटीनगर, क्रांति चौक, राजीवनगर, मंडी, पीतलमिल तिराहे पर आकर्षक झांकियां लगीं। मंदिरों में भी घट स्थापना के साथ ही अखंड दीप जलेे तथा जवारे रखे गए।
विदिशा। नवरात्रिके पहले दिन देवी के बाग में जल चढ़ाते श्रद्धालु।