विदिशा। विधिक सेवा प्राधिकरण की शनिवार को मेगा लोक अदालत लगी। जिलेभर में मेगा लोक अदालत को लेकर उत्साह देखा गया। लोक अदालत में शनिवार को उम्मीद से ज्यादा मामलों का निराकरण हुआ। इस दौरान 3632 मामले सिविल और क्राइम के निपटे, 19386 प्रलिगेटेशन के और 45326 मामले राजस्व के निपटे गए। जिले में 68344 मामले निपटे।
जिला मुख्यालय पर आयोजित नेशनल मेगा लोक अदालत का शुभांरभ जिला न्यायाधीश रणजीत सिंह, कलेक्टर एमबी ओझा, एसपी धर्मेंद्र चौधरी, अभिभाषक संघ के अध्यक्ष महेंद्र जैन ने महात्मा गांधी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ववलित कर किया। जिला न्यायाधीश रणजीत सिंह ने इस अवसर पर कहा कि न्याय का सर्वोत्तम सहज उपाय लोक अदालत है।
यह सामाजिक एवं मानवीय एकता को भी बढ़ावा देती है। लोक अदालत में प्रकरणों का जहां सहज आपसी समन्वय से निपटारा शीघ्र होता है, वहीं यहां के निर्णय सर्वमान्य होते हैं जिसकी अपील अन्य किसी न्यायालय में नहीं होती है। कलेक्टर एमबी ओझा ने कहा कि लोक अदालत ऐसा माध्यम है जहां सालों से लंबित निर्णय त्वरित अविलम्ब हो जाते हैं। इसके लिए आपसी रजामंदी आवश्यक है। एसपी धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि लोक अदालत के प्रति जनता का विश्वास बढ़ता जा रहा है।
6 साल पुराना मामला निपटा : लोक अदालत में कई मामले आपसी सहमति से सुलझे। स्वर्णकार कॉलोनी निवासी धर्मदेवसिंह यादव का अपने छोटे भाई कविंद्रसिंह यादव से प्लाट को लेकर मामला चल रहा था। साल से मामला कोर्ट में चल रहा था। तृतीय सिविल जज गिरीश शर्मा ने शनिवार को दोनों पक्षों को आपसी सहमति से सुलझने की समझाइश दी। दोनों पक्ष सहमत हो गए और खुशी-खुशी घर लौटे। वादी पक्ष से पैरवी रमेश वर्मा ने की और प्रतिवादी पक्ष से रामजी
सोनी ने की।
वहीं एक अन्य मामले में जिला सहकारी बैंक ने सुरई मूडऱा के अवतारसिंह रघुवंशी के विरोध चेक बाउंस होने पर प्रकरण दर्ज कराया था। मामला करीब लाख ६७ हजार ७३८ रुपए का था। चार साल से ज्यादा मामला कोर्ट में चला और शनिवार को बैंक और किसान के बीच समझौता हुआ।
(विदिशा। लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर संबोधित करते मुख्य अतिथि।)