सीएम हेल्पलाइन पर हेल्प कम सलाह ज्यादा
विदिशा। सरकारऔर जनता के बीच बस एक कॉल की दूरी के लिए शुरू हुई-181 सेवा से उम्मीद के मुताबिक खरी नहीं उतर पा रही। जोरशोर से शुरू इस हेल्प लाइन समस्याओं का अंबार लगने के बाद अंदाज बदल गया है। लोग कह रहे हैं कि अब यहां कंपलेंट दर्ज करने की बजाय सलाह दी जा रही है। साथ ही अपरोक्ष रूप से ये धमकी भी कि शिकायत झूठी पाई गई तो सजा भी हो सकती है। सीएम हेल्पलाइन-181 पर समस्या के समाधान के बजाय शिकायतकर्ताओं के लिए खुद एक समस्या बन गई है। लोग अपनी समस्याएं बताना चाह रहे हैं लेकिन 2-3 दिन तक कॉल अटेंड नहीं किया जा रहा है। इस वजह से लोगों को समझ नहीं रहा है कि आखिर कैसे अपनी समस्या सीएम हेल्प लाइन पर दर्ज कराई जाए। दूसरी समस्या ये भी सामने आई है कि कॉल अटेंड करने वाले शिकायत दर्ज करने की बजाय पहले स्थानीय स्तर पर अफसरों को आवेदन देने की सलाह दे रहे हैं। अब सवाल ये है कि जिन समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर नहीं हो रहा उनकी शिकायत हेल्प लाइन पर की जा रही लेकिन वहां से भी स्थानीय प्रशासन के पाले में गेंद डाली जा रही है। मसलन जिससे समस्या है हेल्प लाइन से उसी के पास की सलाह मिल रही है। कई पीडि़त इंटरनेट कैफे, कियोस्क और मोबाइल दुकानों पर पहुंच रहे हैं।
सौरभ मराठे का कहना है कि वे चार दिन से 181 पर कॉल कर रहे हैं लेकिन बात नहीं हो पा रही है। वहीं बलवीरसिंह कुशवाह का कहना है कि समस्या सुलझाने की बजाय राय देकर टाला जा रहा है। कॉल करने पर संतोषप्रद जवाब नहीं मिलता। लोगों की समस्या हल करने के लिए सीएम हेल्प लाइन खोली है। दावा था कि इससे हेल्प मिलेगी और समस्याओं का समाधान होगा। समाधान के बजाय लोगों को सलाह देकर बहलाया जा रहा है। सीएम हेल्प लाइन से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि पूरे प्रदेश से कॉल रहे हैं।
समस्याएं हल की जा रही हैं। यह कहना गलत है कि शिकायतों का निराकरण नहीं हो रहा। सीएम खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं।