विदिशा। मंगलवार दोपहर बाद भोपाल लोकायुक्त की टीम ने कोतवाली में पदस्थ एसआई एसजे कुरैशी को 3500 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। एसआई ने लूट के मामले में चालान पेश करने के बदले में ये रिश्वत मांगी थी। इससे पहले 21 सितंबर को एसआई ने 1500 रुपए की रिश्वत भी ली थी जिसे टैप में रिकार्ड किया गया था। दोपहर करीब 3.30 बजे पूरी योजना के साथ लोकायुक्त की टीम विदिशा आई और एसआई को स्वर्णकार कॉलोनी स्थित पुलिस क्वार्टर में रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। टीम में लोकायुक्त भोपाल के डीएसपी सज्जन सिंह चौहान, निरीक्षक मनोज मिश्रा, निरीक्षक महेंद्र कुल्हारा, निरीक्षक उमेश तिवारी के अलावा दो आरक्षक रामदास और अरुण मिश्रा मौजूद थे।
लोकायुक्त निरीक्षक महेंद्र मिश्रा ने बताया कि विदिशा के मुगलटोला निवासी शानू खान(25) का छोटा भाई रानू खान करीब डेढ़ महीने पहले चेन स्नैचिंग के एक मामले में गिरफ्तार हुआ था। चालान पेश करने और कुछ धाराओं को कम करने के लिए एसआई एसजे कुरैशी ने 5 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। इस मामले की शिकायत शानू खान ने लोकायुक्त एसपी को की। लोकायुक्त ने बात रिकार्ड करने के लिए 21 सितंबर को टैप दिया। शानू खान उसी दिन विदिशा आया और एसआई से रिश्वत की बात करते हुए 1500 रुपए दिए। ये बात पूरी रिकार्ड हुई और ये टैप लोकायुक्त को सौंपा।
ऐसे फंसे एसआई: शानूखान के साथ लोकायुक्त टीम मंगलवार को विदिशा आई। लोकायुक्त ने स्वर्णकार कॉलोनी स्थित पुलिस क्वार्टर से कुछ दूर शानू खान को वाहन से उतार दिया। इस बीच युवक ने 3500 रुपए की रिश्वत एसआई को अंदर जाकर दी। रिश्वत देकर शानू खान ने बालों पर कंघी करके इशारा किया। ये देखते ही लोकायुक्त की पूरी टीम एसआई निवास के अंदर पहुंची। एसआई के हाथ धुलाए गए तो रंग निकल आया। जिसे बोतल में बंद कर लिया गया।
एसआई 3500 रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार।
(विदिशा। कोतवाली टीआई एसजे कुरैशी पर कार्रवाई करती टीम।)