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विदिशा। उपादानको उचित निमित्य नहीं मिलने से वह कार्य नहीं

7 वर्ष पहले
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विदिशा। उपादानको उचित निमित्य नहीं मिलने से वह कार्य नहीं कर पाता एवं उसका कार्य बिगड़ जाता है। उसी प्रकार उचित निमित्य मिलने के उपरांत भी उसका उपयोग करें या करें यह आप लोगों पर निर्भर रहता है। उपरोक्त उद्गार आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने प्रात:कालीन प्रवचन में व्यक्त किए।

आचार्यश्री ने कहा कि आज का विज्ञान बहुत आगे बढ़ गया है। इसका उपयोग कैसे करें इसका ज्ञान हमें होना चाहिए।ज्ञान के अभाव में उसका दुरुपयोग भी हो सकता है। चलने के लिए पैरों की नहीं पुरुषार्थ की आवश्यकता है। आपके पास जीवन में सब कुछ है यदि मानव पर्याय मिलने के उपरांत उसका सदुपयोग करोगे तो फिसलन से बच जाओगे। उन्होंने कहा कि पांच इंद्रियों के भोग में यदि अपने आपको लगाया तो वह पाप की ओर ही ले जाने वाले हैं। वही धन आपने पाप में लगाकर उसका सदुपयोग किया तो मोक्ष की ओर आप खिसकते चले जाएंगे।

21बसों में आए श्रद्धालु

मंगलवारको आचार्य विद्यासागर के दर्शन करने सागर से 21 बसों में सवार होकर जैन धर्मावलंबी शीतलधाम आए। मुजफ्फरनगर, गुजरात एवं उत्तरप्रदेश के कई नगरों से श्रावक श्रेष्ठि आए थे।

विदिशा। शीतलधाममें चल रहा उत्सवी माहौल, सजाई जा रही है सुंदर रंगोली।

विज्ञान का ज्ञान होना आवश्यक: आचार्यश्री