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मुआवजा अधिक होने से घटाई ओवरब्रिज की प्रस्तावित भूमि

5 वर्ष पहले
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मुआवजा राशि बजट से ज्यादा होने के कारण सेतु निगम पर अतिरिक्त राशि की समस्या खड़ी हो गई थी। इसके चलते ब्रिज के दोनों तरफ जो अतिरिक्त भूमि पहुंच मार्ग के लिए प्रस्तावित की गई थी उसको कम किया गया है। उसकी चौड़ाई ब्रिज के दोनों तरफ 5-5 मीटर कम की गई है। ताकि मुआवजा का मामला बजट की सीमा में आ जाए।

अगस्त में हुआ था भूमिपूजन
स्वरूप नगर में प्रस्तावित ओवरब्रिज निर्माण के लिए अगस्त में विदेश मंत्री ने भूमि पूजन किया था। जबकि सेतु निगम को ब्रिज निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का मामला भूमि पूजन से पहले निपटा लेना था। अब छह महीने बाद यह मामला कागजों और कार्रवाई के बीच झूल रहा है। इसके चलते न तो ओवरब्रिज भूमि का अधिग्रहण हो पाया है न निर्माण शुरू हो पाया है।

जमीन की चौड़ाई अब 98 फीट
नए प्रस्ताव के अनुसार अब ब्रिज के लिए कुल भूमि को चौड़ाई 98 फीट रहेगी। जबकि इसकी लंबाई 800 मीटर के करीब है। पहले इसकी चौड़ाई 125 फीट के आसपास थी। इससे मुआवजा राशि भी कम हो जाएगी। पूरा मामला बजट के अंदर आ जाएगा।

फायनल प्रस्ताव इसी सप्ताह भेजने की तैयारी
तेरह किसानों को मुआवजा राशि देने के लिए अंतिम प्रस्ताव तहसीलदार कार्यालय में बनाया जा रहा है। प्रस्ताव के अनुसार ही नक्शा और राजस्व कागज दुरुस्त किए जा रहे हैं। इस फायनल प्रस्ताव को इसी सप्ताह कलेक्टर विदिशा को भेजने की तैयारी चल रही है।

विदेश मंत्री से संबंधित मामले की ऐसी हालत
यह सोचने वाली बात है कि जब विदेश मंत्री और क्षेत्रीय सांसद से संबंधित कार्य की ऐसी हालत है। तो आम जनता से संबंधित कार्य में सरकारी तंत्र की कैसी हालत होगी। इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। इधर ठेकेदार ने भी निर्माण के स्वरूप नगर में प्लांट लगा लिया है। उसे सिर्फ सेतु निगम से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। किसानों का कहना है कि सेतु निगम उनकी अधिगृहीत भूमि का मुआवजा दे दे। उनको निर्माण से कोई परेशानी नहीं है। जब अधिग्रहण से पहले ऐसे हालात है तब निर्माण के बाद भूस्वामियों को मुआवजे के लिए भटकना पड़े यह उनके बूते की बात नहीं है।

तीन दिन से सीमांकन में जुटा है राजस्व अमला

भास्कर संवाददाता| गंजबासौदा

ओवरब्रिज बनाने के लिए अधिग्रहित की जाने वाली निजी भूमि को सेतु ने दोनों तरफ से 5-5 मीटर कम दिया है। भू-स्वामियों को दी जाने वाली मुआवजा राशि बजट से अधिक हाेने की वजह से यह निर्णय लिया गया है।

राजस्व विभाग पिछले 3 दिन से प्रस्तावित ओवर ब्रिज के लिए नए सिरे से सीमांकन करने में जुटा था। राजस्व विभाग संशोधित प्रस्ताव बनाने में जुटा है। वर्तमान में भूमि अधिग्रहण को लेकर आनन- फानन में जो त्रुटियां थीं उन पर भूमि स्वामियों की आपत्तियां थीं। उनको भी निराकृत कर लिया गया है। ताकि बाद में कोई समस्या सामने न आए। इस फायनल प्रस्ताव को भूमि अधिग्रहण कार्रवाई के लिए कलेक्टर को भेजने की तैयारी चल रही है।

किया जा रहा है सीमांकन
तीन दिन से चल रहा सीमांकन कार्य पूरा हो चुका है। प्रभावित किसानों की मुआवजा सूची तैयार कर प्रस्ताव की फाइल कलेक्टर को इसी सप्ताह भेज दी जाएगी। शत्रुधन सिंह चौहान, तहसीलदार गंजबासौदा

ओव्हर ब्रिज निर्माण के लिए जमीन कम कर भेजा नया प्रस्ताव।

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