(विदिशा। नामांकन पत्रों की जांच करते अधिकारी।)
विदिशा। जिलासहकारी केंद्रीय बैंक के चुनाव में भाजपा समर्थित संचालकों का दबदबा हो गया है। मुकाबले से कांग्रेस प्रतिनिधि बाहर हो गए हैं। बैंक के संचालक मंडल के चुनाव में सभी 10 संचालक निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इनके निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा 24 सितंबर को की जाएगी। वहीं सहकारी बैंक के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के साथ अन्य संस्थाओं केप प्रतिनिधियों का निर्वाचन आगामी 30 सितंबर हो होगा।
ग्यारसपुर ब्लाक से संचालक के चुनाव में भाजपा के दो दिग्गज नेता डा. अमरीक सिंह कंग और धीरज सिंह दांगी आमने-सामने थे। भाजपा जिलाध्यक्ष तोरणसिंह दांगी समेत वरिष्ठ नेताओं की समझाइस के बाद वरिष्ठता को ध्यान में रखते हुए अटारीखेजड़ा के डा. अमरीक सिंह कंग का नाम संचालक पद के लिए प्रस्तावित किया गया। इसके बाद धीरजसिंह दांगी ने अपना नाम वापस ले लिया। इससे नामांकन पत्र वापसी के आखिरी दिन शनिवार को शाम करीब 4 बजे निर्वाचन अधिकारी एचएस बाघेला ने डा. अमरीक सिंह कंग को निर्विरोध संचालक घोषित किया गया।
विदिशा से शर्मा निर्विरोध : सहकारीबैंक चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच हो चुकी है। भोपाल रजिस्ट्रार कोआपरेटिव सोसायटी के डीआर हितेंद्र सिंह बाघेला को विदिशा केंद्रीय सहकारी बैंक चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया है। सहकारी बैंक चुनाव में नामांकन पत्रों की जांच हो चुकी है। जांच के बाद जो स्थिति उभरकर आई है, उसके अनुसार परिणाम इस प्रकार हैं। वर्ग के चुनाव में विदिशा ब्लाक से श्यामसुंदर शर्मा के विरुद्ध राजेंद्र कुमार दांगी करोनिया और गणेशराम रघुवंशी खैरुआ के दो नामांकन आए थे। दोनों फार्म निरस्त होने के बाद श्यामसुंदर शर्मा को निर्विरोध संचालक निर्वाचित घोषित किया गया।
सिरोंज से निर्विरोध निर्वािचत हुए संचालक : विदिशा के अलावा अन्य सभी ब्लाकों के संचालकों के चुनाव में भी भाजपा समर्थित प्रत्याशियों का ही दबदबा रहा है। निर्वाचन अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक सिरोंज ब्लाक से संतोष चौरे का सिंगल नाम था। इसलिए वे यहां से निर्विरोध संचालक बने हैं। इसी तरह लटेरी से दीपक खोड़से भी निर्विरोध संचालक बने हैं। गंजबासौदा ब्लाक से प्रेमनारायण विश्वकर्मा को भी निर्विरोध संचालक बनाया गया है। शमशाबाद ब्लाक से भगवानसिंह धाकड़ निर्विरोध संचालक चुने गए हैं।
कुरवाई से देवेंद्र तिवारी की आपत्ति खारिज : कुरवाईब्लाक से भी संचालक पद के लिए दो नामांकन फार्म आए थे। इनमें दिनेश कुमार
सोनी और देवेंद्र कुमार तिवारी शामिल हैं। इनमें से देवेंद्र कुमार तिवारी का नामांकन फार्म रिजेक्ट कर दिया गया। ऐसी हालत में निर्वाचन अधिकारी ने दिनेश कुमार
सोनी को निर्विरोध तौर पर संचालक घोषित किया है। देवेंद्र तिवारी ने दिनेश सोनी के खिलाफ आपत्ति लगाई थी कि दिनेश सोनी की पत्नी के नाम 20 लाख रुपए का कर्ज है जोकि ओवर ड्यू है। इस आपत्ति को खारिज कर दिया गया है।
वर्ग में सचिन ताम्रकार संचालक बने : वर्गके तहत विपणन और औद्योगिक सेक्टर के चुनाव में दो संचालकों के पद हैं। इनमें से एक तो विदिशा से सचिन ताम्रकार और दूसरे अंजुलता नितिन कुमार दोनों के नामांकन फार्म स्वीकृत हुए थे। दोनों प्रत्याशियों को निर्विरोध संचालक निर्वाचित हुए हैं। इसी प्रकार वर्ग अन्य समितियों के संचालक के चुनाव में सिंगल फार्म मुकेश सक्सेना का आया था। उन्हें भी निर्विरोध निर्वाचित किया गया है। इस प्रकार सभी 10 संचालकों का चुनाव निर्विरोध हुआ है। ये सभी भाजपा समर्थित हैं। अब 30 सितंबर को होने वाले अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में भी भाजपा भाजपा के संचालकों की ही जीत संभावित है।
भाजपा ने संगठनात्मक शक्ति का परिचय दिया
''जिलासहकारी केंद्रीय बैंक के चुनाव में भाजपा ने संगठनात्मक शक्ति का परिचय दिया है। भाजपा में संगठन ही सर्वोपरि है। पार्टी ने आपसी समन्वय से चुनाव लड़ा है, इसलिए संचालक मंडल के सभी 10 संचालक निर्विरोध चुने गए हैं। ग्यारसपुर मंडल के चुनाव में वरिष्ठता को ध्यान में रखते हुए डा. अमरीक सिंक कंग को संचालक चुना गया है।'' तोरण सिंह दांगी, जिलाध्यक्ष भाजपा।
निर्विरोध संचालक एक नजर में
>श्यामसुंदरशर्मा- विदिशा
>डा. अमरीकसिंह ग्यारसपुर
>सचिन ताम्रकार विदिशा
>प्रेमनारायण विश्वकर्मा बासौदा
>दिनेश सोनी कुरवाई
>संतोष चौरे सिरोंज
>दीपक खोड़से लटेरी
>भगवानसिंह धाकड़ शमशाबाद
>अंजुलता नितिन कुमार नटेरन
>मुकेश सक्सेना विदिशा ।