विदिशा। शहर में एक घर ऐसा भी बन रहा है जो तकनीक के मामले में जहां अनूठा हैं, वहीं बेहद सस्ता मजबूत भी है। बिना ईंट इस्तेमाल किए इस मकान को आकार दिया जा रहा है। टीलाखेड़ी मार्ग स्थित इस मकान को शहर के युवा आर्किटेक्ट अविरल जैन बनवा रहे हैं। अविरल जैन का दावा है कि यह मकान जहां भूकंप निरोधी है, वहीं ईंट से निर्मित मकानों की तुलना में कहीं अधिक मजबूत और सस्ता भी है।
उन्होंने बताया कि इस तकनीक से 10 फीसदी जमीन का अतिरिक्त स्पेस भी मिलता है। अविरल के मुताबिक इस तरह का यह शहर में पहला मकान होगा। इस तकनीक को हाई-राइज तकनीक कहा जाता है। इस मकान में अधिकतर आरसीसी का वर्क हुआ है। इस तकनीक के जरिए जहां मकान में प्लास्टर की आवश्यकता नहीं पड़ती, वहीं कालम छत की बीम में स्टील की भी बचत होती है। अविरल के मुताबिक लेबर की कम जरूरत पड़ती है।
मकान के निर्माण में इस्तेमाल हुई लोहे की विशेष सेंटिग को उन्होंने खुद ही तैयार करवाया है। उनका दावा है कि यह मकान महज 21 दिन में बनाकर तैयार किया जा सकता है। परफेक्ट प्लानिंग से कार्य होने पर फिनिशिंग कांच की तरह आती है।
उन्होंने बताया कि इस तकनीक से 10 बाय 10 वर्गफीट में करीब साढ़े 7 हजार रुपए की लागत आती है, जबकि आम ईंट से निर्मित मकान में इतने हिस्से की लागत करीब साढ़े 13 हजार रुपए तक आती है। मकान का निर्माण अंतिम दौर में चल रहा है जो कि जल्द ही पूर्ण हो जाएगा।
(विदिशा। टीलाखेड़ी क्षेत्र में बन रहा नई तकनीक से मकान। इनसेट अविरल जैन।)