विदिशा. बेतवा में बढ़ते प्रदूषण और नदी के दोनों तटों पर 500-500 मीटर की परिधि से अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की भोपाल शाखा ने प्रशासन और नगरपालिका के अधिकारियों को फटकार लगाई है।
इस मामले में लगाई गई याचिका पर बुधवार को एनजीटी में सुनवाई की गई और इस मामले में जिला प्रशासन के अधिकारियों को 20 दिसंबर तक विगत 11 अगस्त को दिए गए आदेशों पर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत को कहा गया है। इसी तरह नगरपालिका के अधिकारियों को डंडापुरा के नवनिर्मित सीसी नाले के पानी को पीलिया नाले के माध्यम से बेतवा में मिलाने के मामले में आगामी 20 दिसंबर को नई डीपीआर पेश करने का आदेश दिया है।
इसके अलावा विदिशा की औद्योगिक इकाई सत्यसाईं एग्रो को भी पर्यावरण उत्थान के कार्य करने और एनजीटी द्वारा दिए गए आदेशों पर 20 दिसंबर तक पालन प्रतिवेदन पेश करने को कहा गया है।
अधिकारियों ने नहीं दिखाई गंभीरता
बुधवार को हुई सुनवाई में एनजीटी ने कहाकि बेतवा प्रदूषण रोकने को लेकर जिला प्रशासन और नगरपालिका के अधिकारी गंभीरता नहीं बरत रहे हैं। विगत 10 अगस्त की सुनवाई में नगरपालिका को प्रदूषण रोकने संबंधी जो आदेश दिए गए थे, उनका पालन नहीं किया गया है। इस पर नपा अधिकारी ने जवाब दिया है कि नई डीपीआर अरबन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट की अनुशंसा के लिए भेजी गई है। इस पर एनजीटी ने 20 दिसंबर तक नई डीपीआर अनिवार्य रूप से पेश करने को कहा।
जिला प्रशासन भी करे कार्रवाई
एनजीटी ने कहाकि जिला प्रशासन ने 10 अगस्त को दिए गए आदेशों का पालन नहीं किया है। बेतवा किनारे ईंट-भट्टे, क्रेशरमशीन अन्य अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है। इस संबंध में बेतवा के दोनों किनारों पर 500-500 मीटर की परिधि से अतिक्रमण हटाकर आगामी 20 दिसंबर को पालन प्रतिवेदन पेश किया जाए।
नहीं हो रहे ईमानदारी से प्रयास
बेतवा में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए एनजीटी का आदेश महत्वपूर्ण और सराहनीय है। जिला प्रशासन और नगरपालिका के अधिकारी ईमानदारी से अपने कर्तव्य का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। बेतवा को सदानीरा रखना और प्रदूषण मुक्त करना हम सभी की जिम्मेदारी है। - नीरज चौरसिया, याचिकाकर्ता