विदिशा। ईदगाह तिराहे के पास करीब 3 साल पहले प्रशासन द्वारा कलेक्टोरेट के नए कार्यालय कंपोजिट भवन का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। बजट के अभाव में इसका निर्माण कार्य ठप हो गया है। अब पुन: इसका रिवाइज एस्टीमेट स्वीकृति के लिए राज्य शासन के पास भेजा गया है लेकिन मंजूरी नहीं मिल सकी है। शुरू में कंपोजिट भवन की लागत करीब 10 करोड़ रुपए थी। एक तो तीन साल बाद भी नए कंपोजिट भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है और दूसरे निर्माण कार्य की लागत बढ़कर दोगुना हो गई है। निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं होने से कलेक्टोरेट के विभिन्न शाखाएं भी नए भवन में शिफ्ट नहीं हो पा रही हैं।
कलेक्टर कार्यालय की करीब 50 से अधिक शाखाएं राजीवनगर और ब्लाक कालोनी के विभिन्न क्षेत्रों में किराए के भवनों में चल रही हैं। यदि कंपोजिट भवन जल्द पूरा हो जाता है तो करीब 3 दर्जन कार्यालय एक ही भवन में एक ही छत के नीचे शुरू हो सकते हैं। एक साथ अधिकांश कार्यालय भवन प्रारंभ होने से प्रशासन को किराए पर भवन नहीं लेने पड़ेंगे और लोगों को भी अपने जरूरी कार्यों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
भेजा है एस्टीमेट : लोनिवि के ईई जीपी वर्मा के मुताबिक कंपोजिट भवन के लिए पहले 9 करोड़ रुपए से अधिक की जो राशि मंजूर हुई थी, वह पूरी खर्च हो गई है। इससे निर्माण कार्य फिलहाल ठप हो गया है। नए कंपोजिट भवन में टाइल्स, एप्रोच रोड, बिजली फिटिंग आदि कई अतिरिक्त निर्माण कार्य कराए जाने से इसकी लागत बढ़ गई है। अतिरिक्त बजट लेने के लिए राज्य शासन को कंपोजिट भवन का रिवाइज एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। बजट की मंजूरी मिलते ही फिर से निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
बजट खत्म तो निर्माण कार्य थमा : करीब 3 साल पहले तक कंपोजिट भवन का निर्माण कार्य शुरू हुआ था तो उसकी निर्माण लागत करीब 10 करोड़ रुपए थी। एक तो समय सीमा में काम पूरा नहीं हुआ है और दूसरे कंपोजिट भवन में कई अतिरिक्त निर्माण कार्य जोड़ दिए गए हैं। इससे निर्माण कार्य की लागत बढ़ गई है। इसमें अभी करीब 10 करोड़ रुपए और खर्च होने का अनुमान है। वहीं राज्य शासन के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी आगामी 26 जनवरी तक निर्माण कार्य पूरा होने की बात कह रहे हैं।
स्थान बदलने से बढ़ी लागत : साल 2010 में तत्कालीन कलेक्टर योगेंद्र शर्मा के कार्यकाल में पहले कंपोजिट भवन मैदामिल परिसर में बनाने के लिए शासन की मंजूरी मिली थी। उस समय इसकी लागत करीब 10 करोड़ रुपए थी। इसके बाद वर्ष 2011 में तत्कालीन कलेक्टर सीबी सिंह के कार्यकाल में इसका स्थान परिवर्तित होकर ईदगाह तिराहे के पास कर दिया गया। वहां एप्रोच रोड बनाने का अतिरिक्त खर्च भी इसी बजट में जोड़ दिया गया। इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने निरीक्षण के समय कंपोजिट भवन में अतिरिक्त निर्माण कार्य करवाने के निर्देश दिए। इससे भी लागत में असर पड़ा है।
26 जनवरी तक पूरा होना है कार्य : '' कंपोजिट भवन का निर्माण कार्य आगामी 26 जनवरी तक पूरा कराना है। निर्माण कार्य की लागत बढ़ गई है। अतिरिक्त राशि लेने के लिए रिवाइज एस्टीमेट भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य चालू हो जाएगा।'' एमबी ओझा, कलेक्टर विदिशा ।
विदिशा। अधूरा पड़ा है कंपोजिट भवन का निर्माण कार्य।