विदिशा। बेतवा के चरणतीर्थ घाट स्थित ऐतिहासिक गोपेश्वर और रामेश्वरम महादेव मंदिर की मरम्मत का कार्य एक साल वाद भी शुरू नहीं हो सका है। इन दोनों मंदिरों की मरम्मत के लिए प्रदेश के पूर्व संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने 10-10 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की थी। रामेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी पं. संजय पुरोहित ने बताया कि हर साल बारिश के समय बेतवा नदी में आने वाली बाढ़ के कारण मंदिर को क्षति पहुंच रही है।
इन दिनों डेम के पानी के कारण मंदिर के आसपास नदी के पानी का भराव हो रहा है। इससे मंदिर की बुनियाद कमजोर हो रही है और ऊपरी हिस्से भी जीर्ण-शीर्ण हो रहे हैं। पूर्व संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने मंदिर की मरम्मत के लिए 10 लाख रुपए की राशि करीब एक साल पहले विधानसभा चुनाव से पहले मंजूर की थी। एक साल भी प्रशासन ने अभी तक यहां कोई मररम्त कार्य प्रारंभ नहीं करवाया है। इसी तरह गोपेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी पं. गिरजेश मिश्र के मुताबिक बेतवा में आने वाली बाढ़ के कारण मंदिर के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस मंदिर की मरम्मत के लिए भी 10 लाख की राशि मंजूर हुई थी लेकिन कोई काम शुरू नहीं किया गया है। इस संबंध में एसडीएम एके सिंह का कहना है कि लोनिवि को मरम्मत कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं लोनिवि के ईई जीपी वर्मा ने कहाकि वे इस संबंध में जानकारी लेकर बताएंगे कि मरम्मत कार्य किस प्रकार करवाना है।
राशि का होगा उपयोग : '' चरणतीर्थ मंदिरों की मरम्मत के लिए जो भी राशि शासन से आई होगी, उसका परीक्षण करके यथासंभव निर्माण कार्य कराया जाएगा।'' अंजू पवन भदौरिया, एडीएम विदिशा
संरक्षण कार्य जरूरी : '' नगर के ऐतिहासिक चरणतीर्थ मंदिर विदिशा की पहचान हैं। इन प्राचीन मंदिरों का संरक्षण और संवर्धन आवश्यक है। शासन से जो राशि मंजूर हुई है, उसका यथाशीघ्र सदुपयोग होना चाहिए।'' - पं.संजय पुरोहित, पुजारी,रामेश्वर मंदिर।
विदिशा। मरम्मत कार्य नहीं होने से क्षतिग्रस्त हो रहे हैं चरणतीर्थ के ऐतिहासिक मंदिर।