विदिशा। हिंदी दिवस के मौके पर रेल संस्थान विदिशा में विराट हास्य कवि सम्मेलन हुआ। इस मौके पर हास्य कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। वहीं ओज की रचनाओं में देश प्रेम साफ झलका। हरदा से आए जयकिशन यादव ने व्यंग्य के माध्यम से देश-समाज की व्यवस्था पर गहरी चोट की। बैतूल के पुष्पक देशमुख ने ओज से ओतप्रोत कविता से देश के लिए मर मिटने की भावना बताई। राकेश मालवी प्रखर ने हास्य व्यंग्य कविता के माध्यम से रेल कर्मचारियों के परिश्रम का महत्व बताया। भोपाल की सीमा नाज ने अपनी गजलों से शानदार समा बांधा। दीपक शुक्ला, नीलेश चतुर्वेदी, उदय ढोली, जगदीश श्रीवास्तव ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भोपाल के केके दुबे ने हास्य रचनाओं से खूब हंसाया। इस मौके पर मंडल रेल प्रबंधक राजीव चौधरी द्वारा हिंदी भाषा की समृद्धि के प्रयासों की सराहना की। राजभाषा अधिकारी महेशचंद्र ने हिंदी के प्रचार-प्रसार का महत्व बताया। रेल संस्थान सचिव आरकेसिंह ने बताया कि सम्मेलन में डब्ल्यूसीआरएमएस में मंडल अध्यक्ष राजेश पांडे, मंडल सचिव वीडी मिश्रा, शाखा सचिव अजबसिंह तोमर आदि मौजूद थे।
(विदिशा। कवि सम्मेलन में रचनाएं सुनाते कवि।)