इस साल लिए 177 सेंपल : खाद्यविभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस साल खाद्य पदार्थों के 177 सेंपल लिए गए। 25 के सेंपल फेल हुए जिन पर 1.60 लाख का जुर्माना लगाया गया। 17 मामले अभी चल रहे हैं और एक मामला सिविल कोर्ट में पहुंचा है।
जांच में सेंपल इसलिए होते हैं अमानक : घी-इसमें बीआर स्टैंडर्ड रीडिंग के साथ रिचर्ड वैल्यू देखी जाती है। यह 21 होना चाहिए। इससे कम होने पर ये अमानक के दायरे में आता है। मिठाई-मोइश्चर के साथ बीआर स्टैंडर्ड रीडिंग देखी जाती है। यह 41.50 से 44 होना चाहिए। इससे नीचे की मिठाई अमानक की श्रेणी में आती है।
ये है स्टैंडर्ड पैकिंग क्वालिटी
- हरप्रोडक्ट पर बैच नंबर लिखा होना चाहिए।
-कब बना था और कब एक्सपायर होगाए इसकी जानकारी होना चाहिए।
-पैकेट में क्या सामग्री है और किन वस्तुओं से मिलकर बनी है इसकी डिटेल होना चाहिए।
केस-1 : जय इंटरप्राइजेस विदिशा से धरती मां खाद्य तेल अमानक पाया। मामला एडीएम कोर्ट में पहुंचा। कोर्ट ने 10 हजार का जुर्माना जगाया।
केस- 2 : भूमिका सेल्स एजेंसी विदिशा से इडली बनाने का आटा अमानक पाया गया। एडीएम कोर्ट ने 10 हजार का जुर्माना लगाया।
केस-3 : राज कोल्ड्रिंक्स सिरोंज से आम जूस गड़बड़ लेबल का पाया गया। एडीएम कोर्ट ने 5 हजार का जुर्माना
लगाया।
केस- 4 : वासुदेव स्वीट्स गंजबासौदा से मिल्क केक अमानक पाया गया। एडीएम कोर्ट ने 5 हजार का जुर्माना लगाया।
लिए हैं सेंंपल : '' दुकानों से खाद्य सामग्री के हर महीने सेंपल लिए गए हैं। आगे भी सेंपल लिए जाएंगे। दुकानदारों को घटिया सामग्री बेचने से बचना चाहिए। इस साल 25सेंपल फेल हुए हैं। '' एडलिन पन्ना, खाद्यसुरक्षा अधिकारी विदिशा।
(विदिशा। बाजार में इस तरह बिकती है खुले में सामग्री। )