विदिशा। सोमवार को एमपी स्टेट एग्रो के खाद विक्रय केंद्र पर दिनभर किसान लाइन लगाकर खड़े रहे लेकिन उन्हें खाद नहीं मिली। कुछ किसान तो खाद लेने के लिए सुबह 5 बजे आकर बैठ गए थे। सुबह तक दर्जनों किसान लाइन लगाकर खड़े रहे लेकिन उन्हें खाद नहीं मिला।
कर्मचारियों के मना करने के बाद किसान इस आशा में खड़े रहे कि रेक लगी तो खाद जाएगा। एमपी स्टेट एग्रो के प्रबंधक केके मेहरा ने बताया कि सोमवार को यूरिया की रेक नहीं लगी। इस वजह से किसानों को निराश होना पड़ा। किसान हरिसिंह का कहना था जहां यूरिया वितरित किया जा रहा है वहां किसानों को नंबर नहीं लगता।
सुबह से शाम तक लाइन में खड़े रहते हैं। सोमवार को खाद मिला ही नहीं। सुरेश कुशवाह का कहना था कि प्रशासन को ऐसी व्यवस्था करना चाहिए ताकि सभी सोसायटियों पर यूरिया मिल सके। किसान शहर में आकर परेशान होते हैं जिससे परेशानी होती है। थानसिंह अहिरवार का कहना है कि किसानों को परेशान करने के लिए यूरिया की कमी बनाई गई है। रईस खान का कहना था कि यूरिया के लिए बहुत परेशानी हो रही है। जीवनलाल का कहना था कि सिंचाई के बाद यूरिया का छिड़काव जरूरी है। नहीं तो फसल का उत्पादन आने वाले दिनों में कम होगा।
खाद के पर्याप्त भंडारण का दावा : एक तरफ खाद की कमी है वहीं दूसरी तरफ प्रशासन ने दावा किया है कि खाद का पर्याप्त भंडारण है। कलेक्टर एमपी ओझा ने बताया कि जिले में आवश्यकतानुसार खाद का पर्याप्त भंडारण कराया जा चुका है। खाद का वितरण सहकारी समितियों के माध्यम से ही किया जाए। जिन प्रायवेट दुकानों के खाद की मांग संबंधी आवेदन प्राप्त होते हैं उन्हें निर्धारित अनुपात के आधार पर ही खाद उपलब्ध कराया जाए। उसका वितरण अधिकारियों की ही उपस्थिति में कराए जाने के निर्देश दिए हैं। यदि किसी निजी दुकानदार द्वारा अधिकारियों की अनुपस्थिति में खाद का विक्रय किया जाता है तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया जाएगा और लायसेंस निरस्त किया जाएगा।
कलेक्टर ने निजी विक्रेताओं को सचेत करतेे हुए कहा है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनकी दुकानों में भंडारित खाद जिले से बाहर कतई नहीं बेचा जाए। यदि किसी दुकानदार द्वारा जारी आदेश का उल्लंघन किया जाता है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- खाद की रेक नहीं लगने से निराश लौटे किसान।
(विदिशा। यूरिया के लिए केंद्र के बाहर इंतजार करते किसान।)