- Hindi News
- बिजली बिल में गड़बड़ी, जमा करने के बाद भी जुड़कर रही है राशि
बिजली बिल में गड़बड़ी, जमा करने के बाद भी जुड़कर रही है राशि
वििदशा| चारमहीने से बिजली भरने के बाद भी पुराना बिल जुड़कर रहा है। शहर के बिजली कंपनी कार्यालयों पर रोजाना इस तरह की शिकायतें लेकर उपभोक्ता पहुंच रहे हैं। किसी कारण से अगर भरा हुआ बिल इधर-उधर हो जाए तो उपभोक्ताओं को बिजली कर्मचारियों को यह समझाने में पसीने छूट जाते हैं कि बिल चुकता कर दिया है। इसके पीछे मुख्य वजह है कैश काउंटर पर पदस्थ स्टाफ की लापरवाही और बिल जमा करने के बाद उस पर चिपकाए जाने वाले बार कोड। तकनीकी समस्या के चलते उपभोक्ताओं का खाता अपडेट नहीं होता और चालू महीने के बिल में पुराना भी जुड़कर रहा है। इस बारे में बिजली कंपनी के ईई समीर शर्मा का कहना है कि इस तरह की कोई दिक्कत अभी सामने नहीं आई। यदि लोग परेशान हैं तो उनकी समस्याएं सुलझाई जाएंगी।
यहांज्यादा परेशानी: इंद्राकांप्लेक्स,स्वर्णकार कॉलोनी, अरिहंत विहार, शास्त्रीनगर, वैशालीनगर, सुभाषनगर, उदयनगर, टीलाखेड़ी, दुर्गानगर, शेरपुरा, बंटीनगर, रामलीला, बालाजी एवेन्यू, बालाजी एंक्लेव, डंडापुरा आदि क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां के रहवासियों के बिजली बिल ज्यादा राशि के आते है। लोगों का आरोप है कि कंपनी के कर्मचारी हर महीने रीडिंग लेने नहीं आते। बाद में एक साथ बिल भेजते हैं। बिल में कई तरह की राशि रहती है जिसे समझना बेहद कठिन रहता है। दुर्गानगर निवासी दुर्गेश राजपूत का कहना है कि जो बिल 1500 रुपए का आता था पिछले महीने का बिल तीन गुना 4523 रुपए आया।
अधिक राशि के बिजली बिल सबसे ज्यादा पॉश कॉलोनियों में भेजे जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार इन कॉलोनियों में रहने वाले रहवासी बिल जैसा आता है वैसा ही भर देते हैं। बिल को समझना बेहद कठिन होता है। डिपोजिट होने के बाद भी किस्तों में बिल में ये राशि से फिर से जमा करा ली जाती है।