3 महीने में 20 फीट खाली हुआ हलाली बांध, सिर्फ 7 दिन और चल सकेंगी नहरें
जानिए
भास्कर संवाददाता| विदिशा
हलाली बांध महज 3 माह में करीब 20 फीट खाली हो गया है। बांध का जल स्तर इतना कम हो गया है कि फसलों के लिए पर्याप्त सिंचाई का पानी दे पाना मुश्किल है। जबकि अभी सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है। बांध में पानी की कमी के कारण अब अगले 7 दिन तक ही नहर चल पाएंगी। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। इतना ही नहीं पानी की यह किल्लत गर्मियों में शहरवासियों की प्यास पर भी भारी पड़ सकती है।
जल स्तर मौजूदा समय में 1488.80 बचा है। किसान 2 पानी दे पाए हैं तो टेल क्षेत्र के किसान दूसरा पानी भी नहीं दे पाए हैं। इस साल बारिश में हलाली बांध पूरी तरह लबालब हो गया था। यहां तक कि बांध का ओवर फ्लो का छरछरा भी 25 अक्टूबर तक चला था। इससे बांध का जल स्तर गर्मियों तक अच्छा रहने की उम्मीद थी, लेकिन हालात उम्मीद के विपरीत नजर आ रहे हैं। बांध की कुल भरण क्षमता 1508 फीट है।
ज्यादा पानी की जरूरत होगी
इस साल गर्मियों में हलाली बांध से ज्यादा पानी लेने की स्थिति नजर आ रही है। एक बार का पानी खरीदने में दो लाख रुपए का खर्च आता है। सत्येंद्र सिंह धाकरे, सीएमओ नपा विदिशा
नहर जल्द चालू होने से बनी स्थिति
इस बार हलाली बांध से नहरें जल्दी चालू हो गई थीं। इससे पानी की उपयोगिता ज्यादा हुई है। पेयजल के लिए पानी रिजर्व रखा है। जेएस वर्मा, ईई सम्राट अशोक सिंचाई परियोजना
बांध में पानी की कमी पेयजल और सिंचाई पर असर
हलाली बांध के जल स्तर में गिरावट के मुख्य कारण
मौसम गर्म रहने से बांध के पानी का तेजी से वाष्पीकरण होना।
हलाली बांध जुड़े क्षेत्रों में पूर्व में नहर बंद होने की अफवाह से पानी का अधिक उपयोग होना।
बारिश कम होने के कारण सिंचाई के लिए नहरों में पानी जल्दी छोड़ना।
26 जुलाई 2015 में हलाली बांध लबालब होने से पानी घाट की चौथी सीढ़ी तक पहुंच गया था।
इस साल हलाली के बांध से ज्यादा लेना पड़ेगा पानी
इस साल हलाली के जल स्तर की स्थिति पिछले 13 सालों के दौरान के सबसे कम रहे जल स्तर बनने की है। 2010 में गर्मियों के दौरान हलाली बांध का सबसे कम 1486 फीट जल स्तर रिकार्ड हुआ था। जबकि इस साल सर्दियों में ही हलाली का जल स्तर 1488.80 फीट पर आ गया है। इस साल बारिश कम होने से नपा को विदिशा शहर की पेयजल आपूर्ति के लिए हलाली बांध अधिक पानी लेना पड़ेगा। कालीदास बांध में ही महज 20 दिन का पानी बचा है। इसके बाद हलाली से पानी लेना पड़ सकता है। इसके अलावा गर्मियों में इस बार ज्यादा पानी लेने की बात कही जा रही है।
इन गांवों में अभी दूसरा पानी भी नहीं दे पाए
हलाली की नहरों से जुड़े करीब 50 फीसदी किसान फसलों में दूसरा या तीसरा पानी नहीं दे पाए हैं। नटेरन क्षेत्र के गड़ला, कागपुर, सेमराखेड़ा, सुरई, मूड़रा, कौलिंजा, परसपरसोरा, अमऊखेड़ी, अंडिया खुर्द, सांकलखेड़ी, दीताखेड़ी, सांकलखेड़ा खुर्द सहित कई गांव के किसान अभी फसलों में दूसरा पानी देने का ही इंतजार कर रहे हैं। सिंचाई विभाग सिर्फ 7 दिन और नहर चालू रहने की बात कह रहा है। जल्द ही नहरें बंद होने से इन किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। चिंता की बात यह है कि यह किसान अभी सिर्फ दूसरा पानी भी नहीं दे पाए हैं तो इनके लिए फसलों में सिंचाई का तीसरा पानी दे पाने की कोई गुंजाइश ही नहीं है।
पेयजल के लिए रिजर्व रखा जाएगा पानी
हलाली बांध से विदिशा शहर की पेयजल आपूर्ति निर्भर है। गर्मियों में हलाली बांध से नपा पानी लेती है। इस साल गर्मी बनी रही इस वजह से नपा को हलाली से पानी अधिक लेना पड़ेगा। जमीनी जल स्तर में जहां तेजी से गिरावट हुई है, वहीं सतही जल स्त्रोतों में पानी कम बचा हुआ है। हलाली बांध की बात करें तो जल स्तर के मद्देनजर सिंचाई विभाग के अधिकारी विदिशा शहर की पेयजल आपूर्ति के लिए पानी रिजर्व रखने की बात कह रहे हैं। पेयजल के लिए हलाली बांध में 5 एमसीएम पानी रिजर्व रखा जाएगा। ताकि शहर की पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो।
हलाली बांध से जुड़ी खास जानकारी
45 हजार हेक्टेयर में होती हलाली बांध से सिंचाई
1510 फीट था नवंबर में हलाली बांध का जल स्तर
20 फीट से अधिक गिर गया तालाब का जलस्तर
1492 फीट था वर्षा से पूर्व हलाली का जल स्तर
10 फरवरी 2016 को हलाली बांध का जल स्तर कम होने से किनारे इस तरह से नजर आने लगे हैं।