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आस्था के तारों पर ही साधना की अंगुलियां चलती हैं साधक की:मुनि कुंथुसागर

4 वर्ष पहले
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यदि आप स्वाभिमान से जीना चाहते हो तो कोई आपको घर से निकाले इसके पूर्व ही घर को छोड़ देना। राम नाम सत्य है, अरिहंत नाम सत्य हैं इसको अपने जीते जी जिसने स्वीकार कर लिया वही व्यक्ति स्वाभिमानी हैं। मोक्ष मार्ग कोई अलग नहीं है। जिस दिन हमारी दृष्टि समीचीन हो गई और हमारी आस्था सच्चे देव, शास्त्र और गुरु के प्रति हो गई समझ लेना हमारा मोक्ष मार्ग प्रारंभ हो गया। उपरोक्त उद्गार आचार्य विद्या सागर महाराज के शिष्य मुनि कुंथू सागर महाराज ने मूक माटी महाकाव्य को उद्घाटित करते हुए व्यक्त किए।

उन्होंनें कहा कि आस्था से वास्ता होने पर रास्ता स्वयं शास्ता हो कर संबोधित करता है। साधक को साथी बन साथ देता है। आस्था के तारों पर ही साधना की अंगुलियां चलती है साधक की। आचार्य विद्यासागर महाराज ने गो शालाओं के प्रबंधन को अहिंसक बताते हुए जीवों के संरक्षण के लिए प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि अहिंसक कहलाना अलग बात है अहिंसक बनना अलग है। समीचीन दृष्टि भी उन्हीं के पास रहती है जो धर्म और धर्मायतनों की रक्षा करता है। उनकी शरण को स्वीकार करता है उनसे प्रीति करता हैं। जिसे संसार से भय है एवं पाप से मुक्त होना चाहता है। निंदा, मान अपमान से दूर रहता है, वह जीव ही एक सम्यक दृष्टि बन सकता है। घर परिवार में रहकर भी आप समीचीन दृष्टि रख सकते हैं। कोई आपको कोई घर से निकाले उसके पहले आप उस घर को छोड़ देना। स्वाभिमानी व्यक्ति वही है जो राम के नाम जीते जी समझ ले। यदि आपने भगवान का नाम समझ लिया तो आपका तत्व का समझना सार्थक होगा। स्वाध्याय करने का मतलब ही है अपनी कषायों को कम करना। जिसने क्रोध, मोह, मान, माया और लोभ इन पांच पापों को कम किया उसका प्रवचन सुनना और स्वाध्याय करना सार्थक हो जाएगा। दूसरे के दुःख में दुःख का अनुभव करके उसके दुःख को दूर करना एक अनुकंपा का गुण कहलाता है।

रविवार को शीतलधाम पहुंचेंगे मुनिश्री
सकल दि. जैन समाज प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया कि रविवार 23 जुलाई को मुनि श्री प्रातः5 बजे अरिहंत विहार से श्री शीतलधाम की ओर प्रस्थान करेंगे। रविवार को प्राचीन प्रतिमा भगवान आदिनाथ स्वामी बर्रों वाले बाबा का महामस्तकाभिषेक प्रातः 6 बजे से मंगलाष्टक के साथ प्रारंभ होगा। मुनि श्री के मुखार विंद से शांतिधारा होगी एवं आचार्य गुरुदेव की भक्तिमय पूजन के उपरांत सुबह 8.45 से मूकमाटी महाकाव्य पर प्रवचन, 10 बजे से आहारचर्या होगी।

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