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हर दिन होती हैं करीब दस डिलेवरी लेकिन महिला डॉक्टर एक भी नहीं

5 वर्ष पहले
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राजीव गांधी स्मृति चिकित्सालय में एक बार फिर महिला डाक्टर विहीन हो गया है। अस्पताल में पदस्थ दो महिला डाक्टर लंबी छुट्टी पर चल रही हैं। एकमात्र महिला डाक्टर बीएमओ विजयलक्ष्मी नागवंशी का स्थानांतरण हो गया है। अस्पताल में आने वाली प्रसूताओं की डिलेवरी नर्सों के द्वारा ही की जा रही है।

राजीव गांधी स्मृति चिकित्सालय के तीन डाक्टरों का स्थानांतरण हो गया है। क्षेत्र की बीएमओ डाक्टर विजयलक्ष्मी नागवंशी भी इनमें शामिल हैं। वर्तमान में अस्पताल में एकमात्र वे ही महिला डाक्टर के रूप में सेवा दे रही थी। उनके अलावा अस्पताल में डाक्टर विनीता अग्रवाल एवं डाक्टर फोजिया भी पदस्थ हैं लेकिन ये दोनों लंबे समय से अवकाश पर हैं। ऐसी स्थिति में स्थानांतरण के बाद अब सिरोंज अस्पताल में एक भी महिला डाक्टर नहीं बची। सिरोंज अस्पताल में हर दिन करीब दस महिलाओं की डिलेवरी होती है।

महिला डाक्टर के अभाव में प्रसूताओं की डिलेवरी की जिम्मेदारी अब नसों के भरोसे चल रही है। सिरोंज अस्पताल में नर्सों के मनमाने रवैये के हालात किसी से छिपे नहीं है। पखवाड़े भर पहले ही नर्स की गैर मौजूदगी में अस्पताल में अप्रशिक्षित महिला सफाई कर्मी ने दो महिलाओं का प्रसव करवाया था। जिसकी जांच अभी चल रही है। अब बिना महिला डाक्टर के अभाव में नर्सों का रवैया कैसे होगा कुछ कहा नहीं जा सकता। हर दिन पचास से अधिक महिलाएं भी इलाज के लिए अस्पताल आती हैं। उनकी जांच कौन करेगा इसको लेकर संशय बना हुआ है। इसके अलावा हर सप्ताह गुरुवार और शनिवार को महिला नसबंदी शिविर का आयोजन भी अस्पताल में होता है। महिला डाक्टर के अभाव में आपरेशन करवाने वाली महिलाओं की जांच भी संभवतः नर्स ही करेंगी।

सिर्फ दो डाॅक्टर दे रहे हैं अपनी सेवाएं
महिला डाक्टर के अलावा अस्पताल में पुरुष डाक्टरों का भी टोटा हो गया है। अस्पताल में अब सिर्फ दो डाक्टर विवेक अग्रवाल एवं सुरेश अग्रवाल ही बचे हैं। अस्पताल चलाने के लिए इन दोनों डाक्टरों को अब 12-12 घंटे ड्यूटी देना होगी। अस्पताल में सिरोंज नगर और ग्रामीण इलाके के औसतन 200 मरीज हर दिन आते हैं। बुधवार दोपहर में 1.30 बजे भी अस्पताल में डाक्टर विवेक अग्रवाल ही मौजूद थे। वहीं जनरल वार्ड में एक नर्स मौजूद थी जबकि जननी वार्ड में कोई भी नर्सें मौजूद नहीं थी।

जननी एक्सप्रेस और एंबुलेंस दोनों बंद
अस्पताल को लेकर जिला प्रबंधन का रवैया भी निराशाजनक है। अस्पताल की दोनों एंबुलेंस बंद हैं। एक महीने पहले जिला प्रबंधन ने दोनों एंबुलेंस को वापस बुला लिया था। इसके बाद अभी तक नई एंबुलेंस नहीं आ सकी। अस्पताल की दोनों जननी एक्सप्रेस भी एक पखवाड़े से बंद पड़ी हैं। पेट दर्द के इलाज के लिए अस्पताल आई सेमलखेड़ी निवासी हरिबाई को बुधवार को विदिशा रेफर किया गया था। परिजनों के पास बाहर जाने लायक रुपए नहीं थे। ऐसी स्थिति में अस्पताल के स्टाफ ने ही 400 रुपए का चंदा कर उसे दिए। जननी एक्सप्रेस की बात आई तो उसके लिए महू क्षेत्र की जननी एक्सप्रेस को बुलाना पड़ा।

महिला डाक्टरों का अवकाश निरस्त कर दिया
सिरोंज अस्पताल में पदस्थ डाक्टर विनीता अग्रवाल एवं डाक्टर फोजिया का अवकाश निरस्त कर दिया है। इसके बाद भी यदि ये डाक्टर नहीं आती हैं तो उनका वेतन काटा जाएगा। अस्पताल के प्रभारी बीएमओ विवेक अग्रवाल बनाए गए हैं। बीएल आर्य, सीएमएचओ विदिशा।

एक महिला डाॅक्टर का तबादला और दो डाॅक्टर चल रहीं हैं लंबी छुट्‌टी पर
अस्पताल अब महिला डाॅक्टर विहीन हो गया है। यहां नर्सें कमान संभाल रही हैं।

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