इलेक्ट्रानिक कांटों से तौल नहीं
किसानों के साथ हो रही ठगी
मंडीबोर्ड के निर्देश के बावजूद विदिशा जिले की मंडियों में इलेक्ट्रानिक कांटों में किसानों के अनाज की तौल नहीं की जा रही है। पूरे प्रदेश की मंडियों में इलेक्ट्रानिक कांटों का उपयोग तौल के लिए किया जा रहा है लेकिन विदिशा जिले की मंडियों में वहीं पुराना ढर्रा चल रहा है। पुराने तराजू और बांटों से अनाज की तुलाई चल रही है। मंडी बोर्ड ने वर्ष 2004-05 में विदिशा मंडी के व्यापारियों के लिए जो 152 इलेक्ट्रानिक तौल कांटे दिए थे वे सभी पड़े हुए धूल खा रहे हैं। साल 2008 में सख्ती की गई थी लेकिन व्यापारियों के विरोध के बाद इलेक्ट्रानिक कांटों से तौल बंद हो गई थी। इसके बाद अब तक इलेक्ट्रानिक कांटों का उपयोग नहीं किया जा रहा है। अब मंडी बोर्ड के अधिकारियों ने एक बार फिर से सख्ती दिखाते हुए 19 सितंबर से इलेक्ट्रानिक कांटों से तौल को अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद विदिशा मंडी के अधिकारियों ने पिछले 2 दिन में 54 व्यापारियों के पंचनामे बनाए हैं। ये व्यापारी पुराने कांटों का ही इस्तेमाल तौल के लिए कर रहे हैं। विदिशा के अलावा गंजबासौदा और सिरोंज सहित सभी मंडियों में इलेक्ट्रानिक तौल कांटों का उपयोग नहीं किया जा रहा है। अकेले विदिशा मंडी में ही इस समय करीब 450 रजिस्टर्ड व्यापारी क्रय-विक्रय का काम कर रहे हैं।
54के पंचनामे बनाए गए
मंडीइंस्पेक्टर अशोक जैन ने बताया कि मंडी बोर्ड ने विगत 19 सितंबर से मंडी में इलेक्ट्रानिक तौल कांटों से तौल को अनिवार्य कर दिया है। इस नियम का पालन नहीं करने पर 19 सितंबर को 23 और 20 सितंबर को 31 व्यापारियों के पंचनामे बनाए हैं। इस मामले में अब कमेटी की बैठक में निर्णय किया जाएगा। इन व्यापारियों पर अभी कार्रवाई प्रस्तावित है। मंडी प्रबंधन ने विदिशा में करीब 450 व्यापारियों को क्रय-विक्रय के लिए लाइसेंस दिए हैं।
^इलेक्ट्रानिक कांटों से तौल अनिवार्य होनी चाहिए। किसानों के साथ तौल में ठगी हो रही है। किसानों की आवाज उठाने वाला कोई संगठन नहीं है, इसलिए उनका शोषण हो रहा है। मंडी में हम्माल, व्यापारी, तुलावट, सफाई वाले, पानी पिलाने वाले सभी लोगों का घालमेल होने से किसानों को घाटा उठाना पड़ता है। लालिसंहरघुवंशी, किसानग्राम नरखेड़ा खड़क
इलेक्ट्रानिककांटों से तौल संभव नहीं
^इलेक्ट्रानिककांटों से सही तौल संभव नहीं है। व्यापारियों और किस