(विदिशा। कैलाश सत्यार्थी को नोबेल पुरस्कार मिलने पर झूम उठे परिजन और शहर के लोग।)
विदिशा। शहर में पले-बढ़े कैलाश सत्यार्थी को नोबेल पुरस्कार मिलने पर बुधवार को दिवाली जैसा माहौल रहा। शहर के लोगों ने मिठाई बांटकर और आतिशबाजी चलाकर खुशियां मनाईं। इस दौरान कैलाश सत्यार्थी के परिवार के सदस्य माधवगंज स्थित उनके प्रतिष्ठान के सामने जुटे। इस दौरान नाच गाकर अपनी खुशी जाहिर की। इस मौके पर मौजूद परिजनों का कहना था कि नोबेल पुरस्कार से विदिशा का नाम पूरे विश्व में प्रसिद्ध हुआ है। बचपन बचाओ आंदोलन आगे भी बच्चों के जीवन में खुशहाली लेकर आएगा।
इस मौके पर कैलाश सत्यार्थी के भाई डा जगमोहन शर्मा, भतीजे उमेश शर्मा सहित कई परिजन मौजूद थे। कार्यक्रम में गोविंद देवलिया, गोवर्धन राजोरिया, रामकिशन असहाय, देवराज अरोरा, मजहर अली जाफरी, आनंदप्रतापसिंह, पदम भदौरिया आदि मौजूद थे।
गरीब बस्ती में बंटी मिठाई
नोबेलपुरस्कार मिलने की खुशी में शहर की आप और हम संस्था ने मोहनगिरी पहुंचकर गरीब बस्ती के बच्चों को मिठाई बांटी। कार्यक्रम संयोजक मोनू पंथी ने बताया कि बच्चों ने उत्साह के साथ भारत माता के जयकारे लगाए। संस्था के सचिन ताम्रकार ने इस मौके पर कैलाश सत्यार्थी के बारे में जानकारी दी।
भाजयुमो के प्रदेश समिति सदस्य प्रियंक कानूनगो ने बचपन बचाने और बाल मजदूरी के खिलाफ लडऩे की बात कही। इस मौके पर रूपेश नेमा, राजीव रघुवंशी, रवि विश्वकर्मा, सोनू रघुवंशी, गोलू जोशी, बृजेश साहू, कार्तिक व्यास, संजय कर्ण आदि मौजूद थे।
नोबल पर शहर में जश्न, जमकर हुआ नृत्य, बांटी मिठाइयां ।