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बाल सुधार गृह में बंद है 17 साल का पिता

7 वर्ष पहले
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चेन्नई. तंजावुर के बाल सुधार गृह में 17 साल के नाबालिग छात्र की 21 साल की युवती के यौन उत्पीडन के मामले में पहचान हो गई है। युवक पर आरोप था कि उसने एक 21 साल की युवती से ना सिर्फ शारिरिक संबंध बनाए बल्कि एक साल चले अफेयर और संबंधों के दौरान वो एक बच्चे का पिता भी बन गया। लेकिन फिलहाल नाबालिग होने की वजह से ना तो वो अपने बच्चे को संभाल सकता है और ना ही युवती से शादी कर सकता है ।
क्या था मामला
पीड़ित के मुताबिक के युवती की युवक से मुलाकात उस दौरान हुई थी जब वो पास ही एक कॉलेज के पास ही अपने रिश्तेदार के यहां रहती थी और युवक वहां वेल्डिंग एप्रेंटिस का कोर्स कर रहा था। इसी दौरान उन दोनों के बीच सहमति से संबंध बने, शादी का वादा भी किया गया। इसके बाद युवक कॉलेज एजूकेशन के लिए तंजावुर चला गया। लेकिन इस दौरान दोनों के बीच एक साल लंबा अफेयर चला और शारिरिक संबंध भी बने। इसी दौरान युवती प्रेग्नेंट हो गई औरउसने एक बच्चे को जन्म भी दिया। मां बनने के बाद पीड़ित अपने बच्चे के साथ युवक से मिलने बच्चे पुदुकोट्टी से तंजावुर आ गई और युवक से शादी करने के लिए कहा
शादी से किया इंकार
युवती के मुताबिक युवक ने उससे शादी करने से इंकार कर दिया जिसके बाद उसने युवक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। युवती की शिकायत के बाद युवक को गिरफ्तार कर लिया गया,उस वक्त भी वो नाबालिग ही था और कानूनन शादी करने की स्थिति में नहीं था, लिहाजा मजिस्ट्रेट ने मेडिकल जांच होने तक युवक को बाल सुधार गृह में रखने को कहा है।
कैसे बनेगी बात
इस मामले में वरिष्ठ वकील और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की पूर्व सदस्य जयंती रानी का कहना है कि इस मामले में नाबालिग को कुछ सुनवाईयों के बाद जमानत मिल सकती है हालाकि उनका कहना है कि इस तरह के ज्यादातर मामले दोनो पक्षों के समझौते के आधार पर कोर्ट के बाहर ही खत्म हो जाते हैं ज्यादातर मामले कोर्ट तक पहुंच ही नहीं पाते हैं.हालाकि 17 साल के इस युवक को अभी बालिग होने के लिए 1 साल और इंतजार करना होगा. इसके बाद ही फैसला हो सकेगा कि वो बच्चे को साथ रखे और 4 साल इंतजार करना होगा युवती से शादी के लिए .