नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री
अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को उपराज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात कर 1984 के सिख दंगों की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की
मांग की। वहीं राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखकर खालिस्तानी आतंकी देविंदर भुल्लर के लिए माफी की अपील की है। सुप्रीम कोर्ट भुल्लर को 1993 के दिल्ली ब्लास्ट केस मौत की सजा सुना चुका है।
केजरीवाल जल्दी ही 1984 के सिख दंगों की एसआईटी जांच के बारे में कैबिनेट से भी चर्चा करेंगे। केजरीवाल की इस मांग का भाजपा और अकाली दल ने समर्थन किया है।
वहीं इस बारे में
कांग्रेस के एक नेता कहा है कि हम किसी भी बड़ी से बड़ी
जांच से नहीं डरते। लेकिन वह
एसआईटी जांच पर कुछ नहीं बोले। हाल ही में
राहुल गांधी द्वारा एक टीवी न्यूज चैनल को दिए गए इंटरव्यू के बाद यह मामला विपक्षी पार्टियों ने उठाया था। इंटरव्यू में राहुल ने गुजरात दंगों के लिए
नरेंद्र मोदी को दोषी ठहराया था, लेकिन सिख विरोधी दंगों पर सफाई ही देते रहे।
इसलिए की केजरीवाल ने मांग
केजरीवाल ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में 1984 के दंगा पीडि़तों को न्याय दिलाने की बात कही थी। माना यह भी जा रहा है कि केजरीवाल ने यह मांग 2002 में गुजरात में हुए दंगों की जांच को लेकर रखी है। गुजरात दंगों की जांच भी एसआईटी ने की थी। 'आप' सदस्य और 1984 पीड़ितों के वकील एचएस फुल्का का कहना है कि सिख विरोधी दंगों पर एसआईटी आज तक बनी नहीं है। यदि यह बन जाती है, तो इससे केस में तेजी आएगी।
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