नई दिल्ली. उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में एक महिला को उसके 'किडनैपर' द्वारा 'इस्लाम कबूल करवाने' के बाद एक पुलिस स्टेशन में उसके 'शुद्धिकरण' कराए जाने के आरोप में वहां तैनात तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। दूसरी ओर, गोवा का एक हिंदू संगठन 'लव जिहाद' से लड़कियों को बचाने के लिए उन पर गोमूत्र का छिड़काव करने, उन्हें नमक के पानी से नहलाने, पुरुष कर्मचारियों वाले ब्यूटी पार्लरों में न जाने की नसीहतें दे रहा है।
थाने में हुई 'शुद्धिकरण' की प्रक्रिया
मामला मनेरी पुलिस स्टेशन का है। सूत्रों के मुताबिक, जिस वक्त यहां मौजूद महिला के 'शुद्धिकरण' के लिए गंगाजल लाया गया, उस वक्त पुलिस भी मौजूद थी। बाद में खुद को महिला का पूर्व पति बताने वाले एक शख्स ने उसकी मांग में सिंदूर भरा और उसे 'वापस स्वीकार कर लिया'।
बिजनौर जिले के रहने वाले नजाकत अली ने कथित तौर पर 26 वर्षीय महिला का अपहरण करके उसका धर्मांतरण करवा दिया था। दोनों की मुलाकात इस साल 13 जुलाई को हरिद्वार में हुई थी। इसके बाद वह 30 हजार रुपए और कुछ गहने लेकर लापता हो गई थी। मंगलवार को पुलिसवाले महिला को वापस थाने ले आए। खबर लगते ही बीजेपी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य वहां पहुंच गए। कुछ हिंदू धार्मिक नेता भी मनेरी पुलिस स्टेशन पहुंचे और 'शुद्धिकरण' की प्रक्रिया शुरू करवा दी। श्लोक पढ़े गए, गंगाजल छिड़का गया। महिला को नई साड़ी दी गई और सिंदूर लगाया गया। बीजेपी के जिला प्रवक्ता लोकेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि महिला को उसके पति के साथ दोबारा मिलाने के लिए यह प्रक्रिया अपनाई गई।
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