फोटो: चीनी सेना ने पिछले साल लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी इलाके में घुसपैठ की थी।
नई दिल्ली। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे से पहले
चीन ने एक बार फिर भारतीय सीमा में घुसपैठ की है। लद्दाख के डेमचोक इलाके में चीनी नागरिकों ने भारतीयों को सिंचाई परियोजना पर काम करने से रोक दिया। चीनी नागरिक अपनी सरकारी गाड़ियों में वहां पहुंचे और निर्माण रोक दिया। लेह के डिप्टी कमिश्नर सिमरनदीप सिंह ने इस मामले की पुष्टि करते हुए कहा, "पिछले एक हफ्ते से चीन के लोग वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के नजदीक बसे डेमचोक गांव में स्थानीय लोगों के काम का विरोध कर रहे हैं। मनरेगा के तहत स्थानीय लोग सिंचाई प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे।" इस मामले पर विदेश मंत्रालय ने सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने कहा, "मैं आपको इस बात का यकीन दिलाता हूं कि सीमा पर होने वाली घटनाओं का जवाब वहां तैनात हमारे जवान देंगे। दोनों देशों (भारत और चीन) के बीच कई अनसुलझे मुद्दे हैं।"
इससे पहले लद्दाख के चुमुर इलाके में चीन की ओर से घुसपैठ की गई थी। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के करीब 300 जवानों ने फिलहाल 100 भारतीय जवानों को घेर रखा है और उन्हें जाने नहीं दे रहे हैं। इससे पहले रविवार को रिपोर्ट आई थी कि 11 सितंबर को चीनी सेना लद्दाख के देमचोक इलाके में भारतीय सीमा में 500 मीटर भीतर घुस आई थी। इस साल अगस्त तक चीनी सेना भारत में 334 बार घुसपैठ कर चुकी है।
सीमा पर तनाव बढ़ाघुसपैठ की
हालिया घटना के बाद सीमा पर तनाव काफी बढ़ गया है। चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय सैनिकों को रोककर रखे जाने की वजह से स्थिति गंभीर हो गई है। खास बात यह है कि ये सारी चीजें भारतीय सीमा के भीतर हो रही हैं।
डेमचोक में भारत-चीन ने भेजे और सैनिक
सूत्रों के हवाले से ऐसी खबर है कि लद्दाख के डेमचोक इलाके में जहां भारत और चीनी सैनिकों के बीच तनाव की स्थिति है, वहां दोनों देशों ने अपने और सैनिक भेजे हैं। गौरतलब है कि देमचोक में 11 सितंबर को 30 चीनी सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पार भारतीय सीमा में 500 मीटर अंदर घुस गए थे और तंबू गाड़ दिए थे। मामले की खबर मिलते ही इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के 70 जवानों को इलाके में तैनात किया गया था।
चीन ने इस साल 334 बार की घुसपैठ
चीनी सेना ने 2014 में 334 बार घुसपैठ की है। अगस्त में तो चीनी सैनिक लद्दाख के बुर्तसे क्षेत्र में भारतीय सीमा में 25 किलोमीटर अंदर तक घुस गए थे। भारतीय सेना के गश्ती दल ने पीएलए के अधिकारियों को देखा था। इसके बाद गश्ती दल लौट आया था। अगले दिन जब जवान फिर गश्ती पर निकले थे, तब भी चीनी सैनिकों की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं आया था और उन्होंने 'यह चीनी क्षेत्र है वापस जाओ' लिखा हुआ झंडा ले रखा था। भारतीय गश्ती दल के साथ क्विक रिएक्शन टीम भी गई, लेकिन चीनी सैनिकों ने जगह छोड़ने से मना कर दिया था।
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