(फोटोः जादवपुर यूनिवर्सिटी का वह हॉस्टल जहां छात्रा का यौन उत्पीड़न हुआ।)
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की जाधवपुर यूनिवर्सिटी में माहौल गरम हो गया है। एक छात्रा के यौन शोषण की शिकायत की नए सिरे से जांच की मांग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज होने के बाद वे उग्र हो गए। मंगलवार रात करीब दो बजे हुई पुलिस कार्रवाई के बाद से ही छात्र भड़के हुए हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी के वीसी और राज्य की मुख्यमंत्री
ममता बनर्जी को ललकारते हुए नारे लगाए कि आओ, छात्रों की ताकत देखो।
बुधवार सुबह छात्रों का गुस्सा पुलिसिया कार्यवाही पर भी फूटा। सड़क पर उतरे छात्र जादवपुर यूनिवर्सिटी पुलिस स्टेशन के सामने रास्ता रोककर बैठ गए। उन्होंने कई ओर से रास्ता बंद कर दिया। कुछ छात्राओं ने पुलिस अफसरों द्वारा किए गए यौन दुर्व्यवहार और यूनिवर्सिटी के वीसी अभिजीत चक्रबर्ती के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई।
मंगलवार को एक लड़की के
यौन शोषण के मामले में प्रदर्शन कर रहे 35 छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। सभी छात्र साथी छात्रा के साथ हुए यौन दुर्व्यवहार की नए सिरे से जांच की मांग कर रहे थे। छात्रों ने वीसी अभिजीत चक्रवर्ती और रजिस्ट्रार का घेराव भी किया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर छात्रों को खदेड़ दिया। मंगलवार रात दो बजे की गई पुलिस कार्रवाई में 30 से ज्यादा छात्र घायल हुए। छात्रों का आरोप है कि पुलिस के साथ तृणमूल छात्र परिषद के सदस्य भी थे, जिन्होंने छात्रों को जबरिया हटाया।
आरोपः पुलिस के साथ गुंडे भी थे
अंडरग्रैजुएट छात्रा अनीशा मंडल का कहना है कि 'यूनिवर्सिटी में हर जगह पुलिस थी, लेकिन इनमे से ज्यादातर बिना वर्दी के थे, वे गुंडे थे। मेरी जैसी लड़कियां और मेरे जैसे कईयों को पुरूष पुलिसकर्मियों द्वारा मारा गया। वहां सिर्फ दो महिला पुलिसकर्मी थीं, जिन्हें हमें छुआ तक नहीं। पुलिस वाले लगातार हमें उठा रहे थे।'
एक वेंटिलेटर पर दूसरा हुआ लकवे का शिकार
पुलिस की लाठीचार्ज में घायल एक छात्र के बारे में बताया जा रहा है कि वह वेंटिलेटर पर है, जबकि दूसरे को आंशिक रूप से लकवा (पैरालिसिस) का शिकार हो गया है। छात्रों का आरोप है कि 'पुलिस आई और उन पर बर्बर ढंग से लाठियां बरसाईं।' एक छात्र रोनित मुखर्जी ने कहा, 'पुलिस का व्यवहार ऐसा था, जैसे हम चिकन के पीस हों। उन्होंने हमें उठाया और इधर-उधर फेंकने लगे। '
क्या है छात्रों की मांग
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने नया जांच पैनल बनाने की मांग की है और कहा है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। छात्रों की मांग है कि
यौन उत्पीड़न मामले में यूनिवर्सिटी ने जो जांच कमिटी बनाई है, उसमें बाहरी लोगों को भी शामिल किया जाए और वीसी इस्तीफा दें।
कुलपति ने छात्रों द्वारा घेराव किए जाने को 'प्रताड़ना' करार दिया है। उन्होंने कहा है कि मामले को बातचीत से भी सुलझाया जा सकता है। वहीं, पुलिस ने बताया कि छात्रों ने परिसर के एक ब्वॉयज हॉस्टल में घटी 28 अगस्त की घटना की जांच में विलंब को लेकर कुलपति सौविक भट्टाचार्य और कुलसचिव प्रदीप घोष का घेराव किया था, जिसके बाद कार्रवाई की गई।
ममता सरकार की अपील, घेराव खत्म करें छात्र-
प. बंगाल की ममता सरकार ने भी घेराव खत्म करने की अपील छात्रों से की है। शिक्षा मंत्री पार्थो चटर्जी ने कहा है, "यह अलोकतांत्रिक है और उन्हें घेराव खत्म कर अधिकारियों से बातचीत करनी चाहिए।"
आगे देखें तस्वीरें और वीडियोः छात्रों को किस तरह खदेड़ा पुलिस ने...