फोटोः पांच साल का करन (दाएं से पहला)
मेरठ. अपने बच्चे को बढ़ता देख माता-पिता खुश होते हैं, लेकिन लेकिन मेरठ के रहने वाले करन की लगातार बढ़ रही लंबाई ने उसके परिवार के लिए काफी मुश्किलें पैदा कर दी हैं। पांच साल की उम्र में करन सिंह की लंबाई पांच फीट सात इंच पहुंच चुकी है। उसे सबसे लंबे बच्चे का गिनीज खिताब भी अपने नाम कर चुका है। उसका कद बढ़ना अभी भी जारी है।
कुछ महीनों पहले स्कूल जाना शुरू करने वाले करन को अपनी असामान्य लंबाई के चलते ही कई बार शर्मिंदगी भी झेलनी पड़ी क्योंकि उसके साथ पढ़ने वाले बच्चे उससे बात करने में भी कतराते थे। करन के पिता संजय सिंह का कहना है कि जब उसने स्कूल जाना शुरू किया था, तब सहपाठी उसके पास जाने में भी हिचकते थे, लेकिन धीरे-धीरे हालात सामान्य होने लगे हैं और अब तो उसने कई दोस्त भी बना लिए हैं।
मां की लंबाई 7 फीट 2 इंच-
परिवार में केवल करन ही असामान्य लंबाई वाला नहीं है बल्कि उसकी मां स्वेतलाना का हाल भी कुछ ऐसा ही है। 25 साल की स्वेतलाना की लंबाई सात फीट दो इंच है। उनकी लंबाई अभी भी हर दो साल में करीब चार इंच बढ़ रही है, जिसके चलते वो भारत की सबसे लंबी महिला का गिनीज रिकॉर्ड भी हासिल कर चुकी हैं। पेशे से डायटीशियन संजय सिंह, जो खुद छह फीट छह इंच लंबे हैं, बताते हैं कि बेंगलुरू में पढ़ाई के दौरान वो स्वेतलाना के संपर्क में आए और साल 2007 में दोनों की शादी हुई। संजय मानते हैं कि वो दोनों एक-दूसरे के लिए परफेक्ट हैं।
ग्रोथ हार्मोन का असर
सिंह परिवार की लंबाई के बारे में चर्चा करते हुए डॉ. हरीश मोहन रस्तोगी ने बताया कि मनुष्य के शरीर की लंबाई बढ़ने की प्रक्रिया (इपिफायसिस) सामान्य तौर पर 21 साल की उम्र तक काम करती है, लेकिन कुछ मामलों में ग्रोथ हार्मोन के ज्यादा स्राव के कारण लंबाई बढ़ने की प्रक्रिया 25 साल की उम्र तक खिंच जाती है। सिंह परिवार का मामला भी इनमें से एक है। आश्चर्यजनक रूप से करन और उनकी मां स्वेतलाना की सुनने की क्षमता भी काफी तेज है। वो काफी दूर की आवाज भी साफ तौर पर सुन सकते हैं।
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