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आम आदमी पार्टी के खिलाफ जा रही हैं 7 बातें

7 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) के लिए मुश्किलें बढ़ती चली जा रही हैं। दिल्ली सरकार के मंत्री सोमनाथ भारती के आधी रात को छापा मारने, केजरीवाल के दो दिनों तक धरने पर बैठने, विनोद कुमार बिन्नी को बगावत के चलते पार्टी से बाहर करने और कांग्रेस पार्टी से करीब दिखने (कुछ दिनों पहले एक कार्यक्रम में केंद्र सरकार में मंत्री कपिल सिब्बल और अरविंद केजरीवाल की गले मिलते हुए तस्वीर सामने आई थी) के बाद आप की लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से नीचे गिरा है। अब कई बातें उसके खिलाफ जाती दिख रही हैं।
ईमानदारी और लोकप्रियता का घालमेल कर रहे अरविंद?
पत्रकार आर. जगन्नाथन ने केजरीवाल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा, 'केजरीवाल गलत दिशा में जोर लगा रहे हैं। वे पुरानी शैली की लोकप्रियता हासिल करने वाली राजनीति और ईमानदारी का घालमेल कर रहे हैं। उन्हें याद रखना चाहिए कि जिस तरह की ईमानदारी का दावा खुद केजरीवाल करते हैं वैसी ही ईमानदार छवि आजादी के समय की कांग्रेस और बीजेपी के भी शुरुआती दौर में थी। लेकिन सुविधाएं मुफ्त या सस्ती देने की राजनीति ने कांग्रेस और बीजेपी को भ्रष्टाचार में धकेल दिया। भ्रष्टाचार और मुफ्त सुविधा देने की राजनीति साथ-साथ चलती है।'