1. डिफेंस साइंटिस्ट्स को निशाने बनाने की साजिश कब रची गई?
- अमेरिका की जेल में बंद 55 साल के हेडली ने बताया- "पहले यह तय नहीं था कि भारत में हमला कहां करना है। लेकिन नवंबर 2007 में लश्कर-ए-तैयबा की मुजफ्फराबाद में मीटिंग हुई। इसमें साजिद मीर और अबु कहफा शामिल हुए। मीटिंग में तय हुआ कि मुंबई पर हमला किया जाना चाहिए।"
- "ताज होटल की रेकी करने का काम मुझे सौंपा गया। साजिद और अबु ने मुझे बताया कि ताज होटल के कॉन्फ्रेंस हॉल में इंडियन डिफेंस साइंटिस्ट्स की मीटिंग होने वाली है। वे उसी वक्त हमले को अंजाम देना चाहते थे।"
- "उन्होंने पाकिस्तान में अपने ठिकाने पर ताज होटल की डमी तैयार की। बाद में पता चला कि साइंटिस्ट्स की कॉन्फ्रेंस ही कैंसल हो गई है।"
- वहीं, स्पेशल प्रॉसिक्यूटर उज्ज्वल निकम का कहना है कि हेडली ने कोर्ट को बताया कि उस वक्त साइंटिस्ट्स पर हमला इसलिए नहीं हुआ, क्योंकि आतंकियों को वक्त पर हथियार और एक्सप्लोसिव्स नहीं मिल पाए थे।
2. हमले से पहले कब-कब मुंबई आया हेडली?
- हेडली ने गवाही के पहले दिन सोमवार काे कोर्ट को बताया था कि वह सात बार मुंबई आया था।
- मंगलवार को उसने बताया - "मैं 14 सितंबर 2006 को मुंबई आया। यह लश्कर-ए-तैयबा ज्वॉइन करने के बाद मेरा पहला मुंबई दौरा था। मैंने कई जगहों की निगरानी की। इसके बाद 2007 में मैंने होटल ताज की कई बार रेकी की।"
- "मार्च 2008 में जब मैं मुंबई आया, तब मैंने ताज होटल, नेवल स्टेशन और महाराष्ट्र पुलिस हेडक्वार्टर्स की रेकी की। छत्रपति शिवाजी टर्मिनस उस वक्त टारगेट नहीं था। लेकिन कसाब और बाकी आतंकी बाद में वहां पहुंचे थे।"
- "मैंने लियोपॉल्ड कैफे से लेकर नरीमन हाउस तक पूरे कोलाबा का वीडियो बनाया। मैंने सिद्धिविनायक मंदिर का भी वीडियो बनाया। साजिद मीर (लश्कर का हैंडलर) चाहता था कि मैं खासतौर पर मंदिर का वीडियो बनाऊं।"
- "पाकिस्तान लौटकर मैंने सारे फोटो, वीडियो और जीपीएस डिवाइस साजिद मीर और अबु कहफा को दे दिया।"
- निकम ने जब हेडली से पूछा कि मुंबई ही निशाना क्यों था, तो उसने बताया- "मैं नहीं जानता। मैंने इस बारे में कभी अपने साथियों से सवाल नहीं किए।"
3. लश्कर, यूनाइटेड जिहाद काउंसिल और आईएसआई का क्या रोल है?
- हेडली ने कन्फर्म किया कि जकीउर रहमान लखवी ही लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर है। भारत में होने वाले ज्यादातर हमलों को लश्कर ही अंजाम देता है।
- वहीं, निकम ने बताया कि पठानकोट हमले में शामिल जैश-ए-मोहम्मद, हिज्ब-उल-मुजाहिदीन और हरकत-उल-मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठन यूनाइटेड जिहाद काउंसिल तहत काम करते हैं। उनका एक ही मकसद है- भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देना।
- आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा मिलकर काम करते हैं। आईएसआई लश्कर-ए-तैयबा को फाइनेंशियल, मोरल और मिलिट्री सपोर्ट देती है।
4. क्या कंधार प्लेन हाईजैक केस में छोड़े गए मसूद अजहर से भी मिला था हेडली?
- हेडली ने अपनी गवाही में कहा- "मैं मसूद अजहर को जानता हूं। मैं उससे अक्टूबर 2003 में लश्कर-ए-तैयबा के एक इवेंट में मिला था। वह जैश-ए-मोहम्मद का चीफ है। उस इवेंट में वह गेस्ट स्पीकर के तौर पर आया था।"
- "अजहर ने मुझे अपने आतंकी संगठन और भारत से उसकी रिहाई के बारे में बताया था।"
- बता दें कि 1999 के एयर इंडिया प्लेन हाईजैक केस के दौरान अजहर को पैसेंजरों की रिहाई के बदले कंधार ले जाकर छोड़ा गया था।
- अजहर और उसका संगठन जनवरी में हुए पठानकोट हमले में शामिल रहा है।
5. आईएसआई से किस हद तक परमिशन लेता है लश्कर?
- हेडली ने बताया- "एक बार मैंने हाफिज सईद और लखवी को आइडिया दिया कि वे लश्कर-ए-तैयबा को आतंकी संगठन करार दिए जाने के खिलाफ अमेरिकी कोर्ट में अपील करें। हाफिज ने कहा कि यह आइडिया अच्छा है। लेकिन बाद में उसने इस बारे में कुछ नहीं कहा।"
- "वहीं, जकी उर रहमान लखवी ने बताया कि कोर्ट में अपील करने की प्रॉसेस लंबी होगी और इसके लिए पाकिस्तान सरकार और आईएसआई से मंजूरी लेनी होगी।"
कौन है हेडली और पहले दिन उसने क्या किए हैं खुलासे...
- 55 साल के दाऊद गिलानी उर्फ हेडली को 2009 में शिकागो से अरेस्ट किया गया था। वह पाकिस्तानी मूल का अमेरिकी सिटिजन है। वह अमेरिकी जेल में बंद है।
- मुंबई में स्पेशल कोर्ट ने 10 दिसंबर, 2015 को 26/11 आतंकी हमलों के मामले में हेडली को वादा माफ गवाह बनाते हुए उसे 8 फरवरी को पेश होने के ऑर्डर दिए थे।
- अमेरिकी कोर्ट हेडली को 26/11 आतंकी हमलों की साजिश रचने और आतंकियों को मदद पहुंचाने का दोषी ठहरा चुकी है। कोर्ट ने उसे 35 साल की सजा दी है।
- हेडली की गवाही मंगलवार सुबह 7 बजे से फिर शुरू हुई।
- सरकार की तरफ से स्पेशल प्रॉसिक्यूटर उज्ज्वल निकम पैरवी कर रहे हैं। वादा माफ गवाह हेडली की तरफ से महेश जेठमलानी पेश हो रहे हैं।
12:10 PM : निकम ने बताया कि हेडली की गवाही बुधवार सुबह भी जारी रहेगी।
12:10 PM : निकम ने कहा कि आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा मिलकर काम करते हैं।
12:10 PM : निकम ने बताया कि ताज का सेकंड फ्लोर का वीडियो बनाया था। लश्कर-ए-तैयबा डिफेंस साइंटिस्ट्स पर इसलिए हमला नहीं कर पाया, क्योंकि आतंकियों को वक्त पर हथियार और एक्सप्लोसिव्स नहीं मिल पाए थे।
11:02 AM : "मैंने फाइनल वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी सर्वे साजिद मीर और मेजर इकबाल को दे दिए।"
11:00 AM : "2006 में मैं ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल के पास पेइंग गेस्ट के रूप में भी रहा।"
11:00 AM : "मुंबई से जाने के बाद मैंने ये जीपीएस डिवाइस साजिद मीर को वापस कर दिया।"
10:58 AM : "ये जीपीएस डिवाइस मुझे साजिद मीर और अबु काफा ने दिया था, जिससे मैं अरब सागर सहित कई जगहों की लोकेशन सेव कर सकूं।"
10:56 AM : "मैंने लोकेशन स्टोर करने के लिए जीपीएस डिवाइस का यूज किया था।"
10:55 AM : "इसी दौरान मैंने कोलबा के भगत सिंह मार्ग का भी वीडियो बनाया था।"
10:51 AM : "लियोपॉल्ड कैफे, कोलबा पुलिस स्टेशन और उस रास्ते में पड़ने वाली दुकानों और रेस्टोरेन्ट्स का भी वीडियो बनाया था।"
10:50 AM : "हमले के लिए देखे गए टारगेट्स में मुंबई का होटल ताज, नेवी और आर्मी स्टेशन, माहाराष्ट्र पुलिस का स्टेट हेडक्वॉर्टर, ओबेरॉय होटल और सीएसटी शामिल थे।"
10:49 AM : "मैंने कई जगह जाकर देखा और उनमें से लीडिंग साइट्स को सिलेक्ट किया।"
10:47 AM : "साजिद ने मुझे सिद्धिविनायक मंदिर पर खास तौर पर नजर रखने को कहा था।"
10:37 AM : "मैंने जो वीडियोग्राफी की, उसे साजिद मीर और मेजर इकबाल को दे दिया।"
10:37 AM : "साजिद मीर और मेजर इकबाल होटल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी से खुश थे।"
10:37 AM : "साजिद मीर ने मुझे होटल के सेकंड फ्लोर की रेकी करने को कहा। मैंने सभी बातें मेजर इकबाल से भी शेयर की।"
10:35 AM : "2007 में पत्नी फैजा के साथ होटल ताज के सेकंड फ्लोर पर रुका था।"
10:31 AM : हेडली ने ताज होटल के रजिस्टर को देखकर अपना सिग्नेचर पहचाना।
10:30 AM : "मैं 14 सितंबर 2006 को मुंबई में अपना ऑफिस बनाने के लिए गया था।"
10:28 AM : "मैं 14 सितंबर 2006 को मुंबई के होटल ताज में रुका। 28 सितंबर 2006 तक मैं वहीं रहा।"
10:25 AM : "मुंबई में पहले दिन का अरेंजमेंट बशीर शेख ने किया था।"
10:23 AM : हेडली बोला- "डॉ. राना ने मुझे मुंबई में अपना ऑफिस बनाने की परमिशन दी थी।"
10:20 AM : निकम ने पूछा- "मुंबई को ही निशाना क्यों बनाया गया?" हेडली बोला- "मुझे कारण नहीं पता।"
10:15 AM : स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर निकम ने लॉजिस्टिक रीजन का मतलब पूछा तो हेडली ने कहा- "लोगों का हथियार पाना।"
10:15 AM : "होटल ताज के कॉन्फ्रेंस हॉल को निशाना बनाने के पीछे लॉजिस्टिक रीजन थे।"
10:10 AM : हेडली बोला- "मैंने 2007 के पहले भी मुंबई के होटल ताज की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की थी। उस समय मुझे ये नहीं पता था कि इसे टेरर अटैक के लिए चुना जाएगा।"
9:34 AM : हेडली ने मेजर अब्दुल रहमान पाशा का फोटो पहचाना।
9:32 AM : "2003 में लाहौर के एक मस्जिद में अब्दुल रहमान पाशा से पहली बार मिला था।"
9:30 AM : "2006 में मैं पहली बार मेजर इकबाल से लाहौर में मिला था। उस मीटिंग में पाकिस्तान आर्मी का एक कर्नल भी मौजूद था।"
9:25 AM : "मेरी गिरफ्तारी मेरी बीवी की वजह से हुई। उसे लगता था कि मैं लश्कर का काफी करीबी हूं। उसने जनवरी 2008 में पाकिस्तान की यूएस एम्बेसी में इसकी शिकायत की थी।"
9:22 AM : इस मीटिंग में मसूद अजहर ने इंडिया में अपनी एक्टिविटीज और भारत से रिहाई के बारे में बताया था।
9:20 AM : 2003 में लश्कर से जुड़े लोगों की एक गैदरिंग हुई थी। इसमें मौलाना मसूद अजहर गेस्ट स्पीकर था।
8:58 AM : डेविड हेडली ने बताया कि जकी उर रहमान लखवी लश्कर-ए-तैयबा का ऑपरेशनल कमांडर है।
8:56 AM : "2006 में साजिद मीर, अबु काफा, मुजामिल और मेरे बीच एक मीटिंग हुई थी। इसमें ये तय हुआ कि मैं भारत जाऊंगा।"
8:53 AM : "उस समय इंडियन डिफेंस साइंटिस्ट की एक मीटिंग होटल के कॉन्फ्रेंस हॉल में होने वाली थी। प्लान के मुताबिक उसी को निशाना बनाना था।"
8:52 AM : "इस मीटिंग में उन लोगों ने मुझे मुंबई के ताज होटल की रेकी करने के लिए असाइन किया।"
8:50 AM : "नवंबर-दिसंबर 2007 में पीओके के मुजफ्फराबाद में एक मीटिंग हुई थी। इसमें साजिद मीर, अबु खफा और मैं शामिल हुआ था।"
8:48 AM : "लश्कर-ए-तैयबा ने 2007 में ही बना लिया था मुंबई पर हमला करने का प्लान।"
8:30 AM : डेविड हेडली बोला- "मेजर इकबाल ने मुझे ऐसे इंडियन सोल्जर्स की भर्ती करने को कहा था जो ISI के लिए जासूस का काम करें।"
7:45 AM : डेविड हेडली ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बयान देना शुरू किया।
7:00 AM : कोर्ट परिसर पहुंचे स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर उज्ज्वल निकम।
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