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ट्रेनों में केटरिंग सुधारने की नई स्कीम: अब बिल नहीं दिया तो खाना फ्री, पेमेंट के लिए वेंडरों को मिलेंगी पीओएस मशीनें

3 वर्ष पहले
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नई दिल्ली.  रेलवे में केटरिंग कंपनियों की मनमानी रोकने और बेहतर पैसेंजर सर्विस के लिए नई स्कीम लॉन्च की है। रेल मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि ट्रेनों में खाना मंगाने पर केटरिंग स्टाफ (वेंडर) की ओर से बिल नहीं दिया जाता है तो आपको खाना फ्री में मिलेगा। साथ ही केटरिंग कंपनी का लाइसेंस भी रद्द होगा। इसके तहत सरकार ने पेंट्री कार की जांच के लिए स्पेशल टीम बनाई है। दूसरी ओर, आरआरसीटीसी के वेंडरों को कैशलेस करने के लिए उन्हें प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) हैंडहेल्ड मशीन दी जाएंगी ताकि सामानों की ज्यादा कीमत वसूलने की शिकायतें दूर हो सकें।

1) केटरिंग कर्मचारी बिल देने के इनकार नहीं कर सकते

- रेलवे की स्कीम के मुताबिक, ट्रेनों में खाने का बिल ना देने पर आपको खाना फ्री में मिलेगा। इस बारे में रेलवे मंत्रालय ने सभी ट्रेनों पर यह 'सूचना पत्र' लगाने के लिए निर्देश दिए हैं। यात्रियों की शिकायत है कि खाना परोसने वाला केटरिंग स्टाफ बिल देने से इनकार कर देता है। इसके लिए बिल बुक नहीं होना या अन्य बहाने बनाए जाते हैं। 
- नए नियम 31 मार्च, 2018 से पेंट्री कार वाली ट्रेनों में लागू होंगे। अगर वेंडर्स बिल देने से मना करता है तो केटरिंग कंपनी का लाइसेंस रद्द किया जाएगा। सरकार ने पेंट्री कार की जांच के लिए एक स्पेशल टीम बनाई है।

 

2) ट्रेनों में खान-पान का पेमेंट पीओएस मशीन से भी  

- ट्रेनों में बेची जाने वाले खाने, अन्य चीजों की ज्यादा कीमत वसूले जाने और मेनू की शिकायतों पर लगाम लगाने के लिए वेंडरों को कैशलेस किया जा रहा है। इसके लिए उन्हें प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) हैंडहेल्ड देने का फैसला किया गया है। 

- रेलवे ने यह सर्विस बेंगलुरू-नई दिल्ली के बीच चलने वाली कर्नाटक एक्सप्रेस में शुरू की है। अगले फेज में 26 रेल गाड़ियों में 100 पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी। आईआरसीटीसी पीओएस मशीनें देने के साथ ही निगरानी के उद्देश्य से इन ट्रेनों में अफसरों को तैनात करेगा।

 

7 महीने में 17 लाख से ज्यादा बुजुर्गों ने ट्रेन सब्सिडी छोड़ी   

- उधर, रेलवे की सब्सिडी छोड़ने की अपील को बुजुर्गों का खासा समर्थन मिल रहा है। पिछले 7 महीने में 17.23 लाख यात्रियों ने पूर्ण या आंशिक तौर पर सब्सिडी छोड़ दी है। इससे रेलवे को करीब 29 करोड़ रुपए की बचत हुई। सब्सिडी छोड़ने वाले बुजुर्ग यात्रियों की संख्या भी 35% बढ़ी है। 
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए किराए में 100% रियायत छोड़ने का विकल्प पहले से ही उपलब्ध था। पिछले साल 22 जुलाई से उन्हें पूरी या आधी रियायत छोड़ने का विकल्प दिया गया।

- इस साल 22 फरवरी तक 9.08 लाख बुजुर्गों ने 100%, जबकि 8.55 लाख ने 50% सब्सिडी छोड़ दी। अभी वरिष्ठ नागरिक पुरुषों को किराए पर 40% जबकि महिलाओं को 50% रियायत मिलती है। 

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