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शहीद हवलदार हंगपन दादा ने मार गिराए थे 3 आतंकी, अशोक चक्र से सम्मानित

Dainik Bhaskar

Jan 26, 2017, 10:11 AM IST

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उनकी पत्नी वाइफ चासेन लोवांग दादा को दिया गया। एक एनकाउंटर में तीन आतंकवादियों को मार गिराया था।

शहीद हवलदार हंगपन दादा वाइफ चासेन के साथ। (फाइल) शहीद हवलदार हंगपन दादा वाइफ चासेन के साथ। (फाइल)
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नई दिल्ली. शहीद हवलदार हंगपन दादा ने जम्मू-कश्मीर में एक एनकाउंटर में चार आतंकवादियों को मार गिराया था। मरणोपरांत हंगपन को गुरुवार को रिपब्लिक डे के मौके पर अशोक चक्र से नवाजा गया है। राजपथ पर प्रणब मुखर्जी ने हंगपन की वाइफ चासेन लोवांग दादा को यह सम्मान दिया। बता दें कि अशोक चक्र शांति काल में दिया जाने वाला सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है। इसे परमवीर चक्र के बराबर माना जाता है। देश के लिए अकेले आतंकियों से भिड़ गए दादा...
- पिछले साल 26 मई को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के नौगाम सेक्टर में आर्मी ठिकानों का आपसी संपर्क टूट गया था।
- तब हवलदार हंगपन दादा को उनकी टीम के साथ भाग रहे आतंकवादियों का पीछा करने और उन्हें पकड़ने का जिम्मा सौंपा गया।
- दादा की टीम एलओसी के पास शामशाबारी माउंटेन पर करीब 13000 की फीट वाले बर्फीले इलाके में इतनी तेजी से आगे बढ़ी कि उन्होंने आतंकवादियों के बच निकलने का रास्ता रोक दिया।
- इसी बीच आतंकवादियों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
- आतंकवादियों की तरफ से हो रही भारी फायरिंग की वजह से दादा की टीम आगे नहीं बढ़ पा रही थी।
- तब दादा जमीन के बल लेटकर और पत्थरों की आड़ में छुपकर अकेले आतंकियों के काफी करीब पहुंच गए ।
- फिर दो आतंकवादियों को मार गिराया। लेकिन इस गोलीबारी में वे बुरी तरह जख्मी हो गए।
- तीसरा आतंकवादी बच निकला और भागने लगा। दादा ने जख्मी होने के बाद भी उसका पीछा किया और उसे पकड़ लिया।
- इस दौरान दादा की इस आतंकी के साथ हाथापाई भी हुई। लेकिन उन्होंने इसे भी मार गिराया।
- इस एनकाउंटर में चौथा आतंकी भी मार गिराया गया।
कहां के रहने वाले हैं हंगपन?
- अरुणाचल प्रदेश के बोदुरिया गांव के रहने वाले हवलदार हंगपन अपनी टीम में 'दादा' के नाम से जाने जाते थे। वह पिछले साल हाई माउंटेन रेंज में तैनात थे।
- वे 1997 में आर्मी की असम रेजीमेंट के जरिए आर्मी में शामिल हुए थे। बाद में 35 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात किए गए।
हंगपन के नाम पर रखा गया ब्लॉक का नाम
- पिछले साल नवंबर में शिलांग के असम रेजीमेंटल सेंटर (एआरसी) में प्लेटिनियम जुबली सेरेमनी के दौरान एक एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक का नाम हंगपन के नाम पर रखा गया।
हंगपन पर एक डॉक्युमेंट्री भी रिलीज
- एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पब्लिक इन्फॉर्मेशन ने रिपब्लिक डे पर हंगपन पर एक डॉक्युमेंट्री भी रिलीज की।

शहीद हंगपन की वाइफ चासेन लोवांग दादा ने यह अवॉर्ड लिया। शहीद हंगपन की वाइफ चासेन लोवांग दादा ने यह अवॉर्ड लिया।
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शहीद हवलदार हंगपन दादा को रिपब्लिक डे पर अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। (फाइल) शहीद हवलदार हंगपन दादा को रिपब्लिक डे पर अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। (फाइल)
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हवलदार हंगपन दादा। देखें वीडियो... हवलदार हंगपन दादा। देखें वीडियो...
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अरुणाचल प्रदेश के बोदुरिया गांव में दादा का अंतिम संस्कार हुआ था। (फाइल) अरुणाचल प्रदेश के बोदुरिया गांव में दादा का अंतिम संस्कार हुआ था। (फाइल)
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एलओसी के पास यह शामशाबारी माउंटेन है। दादा ने इसी इलाके में चारों आतंकियों को मार गिराया था। एलओसी के पास यह शामशाबारी माउंटेन है। दादा ने इसी इलाके में चारों आतंकियों को मार गिराया था।
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शहीद हवलदार हंगपन दादा वाइफ चासेन के साथ। (फाइल)शहीद हवलदार हंगपन दादा वाइफ चासेन के साथ। (फाइल)
शहीद हंगपन की वाइफ चासेन लोवांग दादा ने यह अवॉर्ड लिया।शहीद हंगपन की वाइफ चासेन लोवांग दादा ने यह अवॉर्ड लिया।
शहीद हवलदार हंगपन दादा को रिपब्लिक डे पर अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। (फाइल)शहीद हवलदार हंगपन दादा को रिपब्लिक डे पर अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। (फाइल)
हवलदार हंगपन दादा। देखें वीडियो...हवलदार हंगपन दादा। देखें वीडियो...
अरुणाचल प्रदेश के बोदुरिया गांव में दादा का अंतिम संस्कार हुआ था। (फाइल)अरुणाचल प्रदेश के बोदुरिया गांव में दादा का अंतिम संस्कार हुआ था। (फाइल)
एलओसी के पास यह शामशाबारी माउंटेन है। दादा ने इसी इलाके में चारों आतंकियों को मार गिराया था।एलओसी के पास यह शामशाबारी माउंटेन है। दादा ने इसी इलाके में चारों आतंकियों को मार गिराया था।
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